विद्यालयीन गतिविधियों से बच्चों की माताओं की प्रत्यक्ष भूमिका को लेकर आज 17 जनवरी 2018 बुधवार को नवागढ़ विकासखण्ड के अमोदा संकुल के शास. पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा में मातृ सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में विद्यार्थियों की माताओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर विद्यालयीन गतिविधियों से रूबरू हुए। प्रधान पाठक कन्हैया लाल मरावी ने कहा कि सभी माताएं स्कूल समय-समय पर आते रहे और बेहतर संचालन में अपना सुझाव व सहयोग प्रदान करें। उवशि संतोष कुमार श्रीवास ने योग व उसके महत्व के बारे में तथा नशामुक्त जीवन के संबंध विस्तार से जानकारी दी तो वही उवशि हीरालाल कर्ष ने माताओं से कहा
कि आप नित्य प्रति बच्चों के साथ जुड़े रहे, अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय अपने बच्चों को देवें और उनके उज्जवल्य भविष्य के लिए उन्हे तैयार करें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवाचारी शिक्षक राजेश कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि बच्चों की शिक्षा व संस्कार में माता की भूमिका अहम होती है, बच्चे अपने माता के साथ ज्यादा समय व्यतीत करते है। माताओं को एक विद्यालय की प्राथमिक आवश्यकताओं के लिए सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। बच्चे स्कूल में क्या पढ़ लिख रहे है इसकी सुध लेने की जरूरत है। इस विचार से सभी माताओं ने अपनी सहमति प्रदान की। इस अवसर पर माताओं ने भी विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए विद्यालय सहयोग की अपील की। अंत में डिजिटल क्लास रूम में बालफिल्म नील बट्टे सन्नाटा का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का संचालन राजेश सूर्यवंशी व आभार प्रदर्शन हीरालाल कर्ष ने किया। मातृ सम्मेलन में श्रीमती सावित्री बाई चैहान, श्रीमती गेंदबाई यादव, श्रीमती गंगाबाई यादव, श्रीमती सीमा बाई यादव, श्रीमती फिरतीन बाई साहू, श्रीमती वेदमति साहू, श्रीमती उर्मिला बाई केंवट, श्रीमती सेवती बाई साहू, श्रीमती कमली बाई यादव, श्रीमती लकेश्वरी यादव, श्रीमती कलेश्वरी बरेठ, श्रीमती अनुसूईया यादव, श्रीमती शैल बाई यादव, श्रीमती नानबाई कर्ष, श्रीमती प्याराबाई यादव सहित बड़ी संख्या में माताओं ने हिस्सा लिया। अंत में स्वल्पाहार के साथ मातृ सम्मेलन का समापन किया गया।
कि आप नित्य प्रति बच्चों के साथ जुड़े रहे, अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय अपने बच्चों को देवें और उनके उज्जवल्य भविष्य के लिए उन्हे तैयार करें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवाचारी शिक्षक राजेश कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि बच्चों की शिक्षा व संस्कार में माता की भूमिका अहम होती है, बच्चे अपने माता के साथ ज्यादा समय व्यतीत करते है। माताओं को एक विद्यालय की प्राथमिक आवश्यकताओं के लिए सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। बच्चे स्कूल में क्या पढ़ लिख रहे है इसकी सुध लेने की जरूरत है। इस विचार से सभी माताओं ने अपनी सहमति प्रदान की। इस अवसर पर माताओं ने भी विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए विद्यालय सहयोग की अपील की। अंत में डिजिटल क्लास रूम में बालफिल्म नील बट्टे सन्नाटा का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का संचालन राजेश सूर्यवंशी व आभार प्रदर्शन हीरालाल कर्ष ने किया। मातृ सम्मेलन में श्रीमती सावित्री बाई चैहान, श्रीमती गेंदबाई यादव, श्रीमती गंगाबाई यादव, श्रीमती सीमा बाई यादव, श्रीमती फिरतीन बाई साहू, श्रीमती वेदमति साहू, श्रीमती उर्मिला बाई केंवट, श्रीमती सेवती बाई साहू, श्रीमती कमली बाई यादव, श्रीमती लकेश्वरी यादव, श्रीमती कलेश्वरी बरेठ, श्रीमती अनुसूईया यादव, श्रीमती शैल बाई यादव, श्रीमती नानबाई कर्ष, श्रीमती प्याराबाई यादव सहित बड़ी संख्या में माताओं ने हिस्सा लिया। अंत में स्वल्पाहार के साथ मातृ सम्मेलन का समापन किया गया।



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