अर्ली ग्रेड रीडिंग (ईजीआर) पर एस.सी.ई.आर.टी. रायपुर में 4 से 8 जुलाई 2016 तक पांच दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला संपन्न हुआ। कार्यशाला का मुख्य फोकस कक्षा पहली के अध्ययन अध्यापन प्रक्रिया को रोचक व आनंददायी बना रहा ताकि बच्चे सहज रूप से स्वस्फूर्त होकर स्तर अनुसार पढ़ना सीख सके। बच्चों के चारों ओर भाषा सीखने संबंधी बहुत कुछ सामग्री बिखरी पड़ी हुई है जो कि पाठ्य पुस्तकों से भी अधिक समृद्ध होती है जैसे उनके परिवेश पर आधारित चित्र वार्तालाप, अनौपचारिक चर्चा, कविता, कहानी, खेल गतिविधियां आदि। इन उद्देश्यों को लेकर कक्षा पहली के लिए एक संदर्शिका निर्माण किया जाना है जिसमें सैद्धांतिक बातों की अपेक्षा व्यावहारिक बातों का समावेश किया जाना है। कार्यशाला में लैंग्वेज लर्निंग फाउण्डेशन के तहत प्रारंभिक भाषा शिक्षा पर डिप्लोमा कर रहे शिक्षकों ने अपनी सराहनीय भूमिका निभाया। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले से एल.एल.एफ. के अकादमिक सदस्य व नवाचारी शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी ने सहभागिता निभाते हुए पढ़ने लिखने के तरीकों पर पावर पाइंट प्रेजेंटेशन व गतिविधि आधारित प्रदर्शन किया। कार्यशाला से लौटकर उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय कार्यशाला एससीईआरटी रायपुर के संचालक संजय कुमार ओझा के मार्गदर्शन व श्रीमती विद्या डांगे के नेतृत्व में संपन्न हुआ जहां प्रथम दिवस संचालक श्री ओझा जी का औपचारिक संबोधन व अवधारणा पत्र पर चर्चा हुआ जहां विडियो का प्रदर्शन किया गया। द्वितीय दिवस भाषायी कौशल व उनके विकास पर चर्चा, सुनकर समझकर बोलने हेतु अन्य गतिविधियों कहानी व कविता का प्रदर्शन किया गया, तृतीय दिवस पाठ के आधार पर भाषायी कौशल पढ़ना पढ़कर समझने के कौशलों का विकस, पठन कौशल विकास हेतु अन्य गतिविधियां, प्रिंट रिच वातावरण की उपयोगिता पर चर्चा की गयी। चतुर्थ दिवस कक्षा में चित्र बनाने का महत्व, लेखन कौशल का विकास, पठन कौशल विकास में अर्ली ग्रेड रीडर्स की उपयोगिता पर गतिविधि करायी गयी तो वही पंचम व अंतिम दिवस वर्ण, शब्द, उच्चारण हेतु गतिविधियां तथा आगामी कार्यशाला के योजना पर चर्चा की गयी। कार्यशाला के दौरान रागाशिमि के एसपीओ एम. सुधीश ने भी उपस्थित होकर अपना मार्गदर्शन प्रदान किया। शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि संदर्शिका निर्माण कार्यशाला में कक्षा पहली में सीखने सिखाने के लिए ऐसा वातावरण तैयार करने पर रणनीति बनी कि पहली कक्षा के बच्चों में भाषायी दक्षताएं विकसित हो सके जिससे बच्चा आगे जाकर कुशल पाठक बन सके। इस पांच दिवसीय कार्यशाला में लैग्वेंज लर्निंग फाउण्डेशन के अकादमिक सदस्यों ओम नारायण शर्मा महासमुंद, राजेश कुमार सूर्यवंशी नवागढ़ जांजगीर-चांपा, ईश्वरी सिन्हा बालोद, मधु साहू महासमुंद, द्रोण साहू पिथौरा महासमुंद, पुष्पा शुक्ला देवभोग गरियाबंद, राजेन्द्र मरसकोले डाइट दंतेवाड़ा, हीराधर सिन्हा बसना महासमुंद, गणेश तिवारी एपीसी बस्तर, भूमिका शर्मा बीआरपी रायपुर सहित डाइट जांजगीर से कृष्ण मुरारी जायसवाल, मुकेश चंद्रा, कोरबा डाइट से डा उमेश साहू, संतोष कुमार साहू, श्रीमती पल्लवी लोहबरे भिलाई, विनय तिवारी बैकुंठपुर, परिषद के ईजीआर प्रकोष्ठ के सदस्य, राज्य भर के सभी डाइट के एक-एक अकादमिक सदस्य, डाइट अभ्यास शाला के शिक्षक, राज्य में काम कर रहे विभिन्न एनजीओ रूम टू रीड, अजीम प्रेमजी, एकलव्य, प्रथम, संपर्क, आरटीई वाच आदि के सदस्यों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
ईजीआर के राज्य स्तरीय कार्यशाला में नवाचारी शिक्षक राजेश सूर्यवंशी ने दिया प्रस्तुतीकरण
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