The Digital Teacher : विश्व जल दिवस 22 मार्च 2016 पर शिक्षकों व बच्चों ने निकाली जागरूकता रैली

विश्व जल दिवस 22 मार्च 2016 पर शिक्षकों व बच्चों ने निकाली जागरूकता रैली




नवागढ़ ब्लाक के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा (अमोदा) में गठित सीखो-सिखाओं विज्ञान क्लब द्वारा आज 22 मार्च 2016 मंगलवार को विश्व जल दिवस मनाया गया। आयोजित कार्यक्रम के जरिए जल स्रोतों को प्रदूषण से मुक्त रखने तथा उनकी सुरक्षा के प्रति स्कूली बच्चों व ग्रामीणों को जागरुक किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को जल के महत्व के बारे में बताया गया एवं विद्यालय के समीप स्थित हसदेव नदी के तट की सफाई कर, गांव में रैली निकाल कर जल संरक्षण करने का संदेश दिया गया। विश्व जल दिवस पर अपने उद्बोधन में विज्ञान क्लब के संयोजक विज्ञान शिक्षक राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि विश्व जल दिवस की अंतरराष्ट्रीय पहल रियो डि जेनेरियो में 1992 में आयोजित पर्यावरण तथा विकास का संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में की गई। जिसके बाद वर्ष 1993 को पहली बार 22 मार्च के दिन पूरे विश्व में जल दिवस के मौके पर जल के संरक्षण और रखरखाव पर जागरुकता फैलाने का कार्य किया गया। शिक्षक राजेश सूर्यवंशी ने जल की उपलब्धता के संदर्भ में चर्चा करते हुए कहा कि हम लोग धरती पर चारों तरफ (धरती का लगभग तीन-चौथाई भाग) से पानी से घिरे हुए हैं इसके बावजूद हमलोग भारत और दुनिया के दूसरे देशों में पानी की समस्या से जूझ रहें हैं क्योंकि महासागर में लगभग पूरे जल का 97 प्रतिशत नमकीन पानी है, जो इंसानों के उपयोग के लिये सही नहीं है। धरती पर मौजूद पूरे जल का केवल 3 प्रतिशत ही उपयोग लायक है जिसका कि 70 प्रतिशत बर्फ की परत और ग्लेशियर के रुप में है और 1 प्रतिशत जल ही पीने लायक पानी के रुप में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि पूरे ब्रह्माण्ड में एक अपवाद के रुप में धरती पर जीवन चक्र को जारी रखने में जल मदद करता है क्योंकि धरती इकलौता अकेला ऐसा ग्रह है जहाँ पानी और जीवन मौजूद है। पानी की जरुरत हमारे जीवन भर है इसलिये इसको बचाने के लिये केवल हम ही जिम्मेदार हैं। हम सभी लोगों का छोटा प्रयास एक बड़ा परिणाम दे सकता है जैसे कि बूंद-बूंद करके तालाब, नदी और सागर बन सकता है। जल संरक्षण के लिये हमें अतिरिक्त प्रयास करने की जरुरत नहीं है, हमें केवल अपने प्रतिदिन की गतिविधियों में कुछ सकारात्मक बदलाव करने की जरुरत है जैसे हर इस्तेमाल के बाद नल को ठीक से बंद करें, फव्वारे या पाईप के बजाय धोने या नहाने के लिये बाल्टी और मग का इस्तेमाल करें। इस दौरान स्कूली बच्चों के साथ शिक्षकगण रैली के रूप में ग्राम भ्रमण करते हुए हसदेव नदी के तट पहुंचे जिसके बाद शिक्षकों व छात्रां ने मिलकर तट की साफ-सफाई कर नियमित रूप से सफाई के लिए ग्रामीणों को जागरुक करते हुए जल संरक्षण व जल को प्रदूषण से बचाने का संदेश दिया गया। अंत में प्रधान पाठक कन्हैया लाल मरावी ने सभी विद्यार्थियों को जल संरक्षण की शपथ ग्रहण कराई। कार्यक्रम को सफल बनाने में सरपंच सोनाराम साहू, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष कौशल प्रसाद साहू, छतराम चौहान, श्रीमती लक्ष्मीन चौहान, साधराम यादव अजय, नंदनी, भारत भूषण, अमृता, रजनी, रमशिल्ला, अनिता, दीपिका, अंजनी, मुकेश, बलराम, सोनाउराम, आरती, सुशीला, अंजू, रजनी, सविता, पम्मी, ललिता, हेमलाल सहित स्कूली बच्चां व ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा।

No comments:

Post a Comment

डिजिटल स्कूल में दीक्षांत समारोह के साथ परीक्षाफल की घोषणा, बच्चों को बांटे गये अंकसूची...

नवागढ़ ब्लाक के शास.पूर्व माध्य.शाला नवापारा (अमोदा) में शिक्षा सत्र के अंतिम दिवस आज 29 अप्रैल शनिवार को प्रगति पत्रक वितरण सह दीक्षांत समार...