The Digital Teacher : मई 2016 के भीषण गर्मी से स्कूलों के पौधों को बचाने शिक्षक ने तैयार किया टी.एल.एम.

मई 2016 के भीषण गर्मी से स्कूलों के पौधों को बचाने शिक्षक ने तैयार किया टी.एल.एम.



जांजगीर। वर्तमान में भीषण गर्मी से जहां जीव जंतु व मनुष्य हलाकान है तो वही हरियाली लाने स्कूलों में रोपे गये छोटे पौधे मरने के कगार पर है। ऐसे में भीषण गर्मी से पौधों को बचाने सरकारी स्कूल में नवाचार हो रहा है और टपक सिंचाई (ड्रिप इरीगेशन) पद्धति को शिक्षक द्वारा टी.एल.एम. तैयार कर अप्लाई किया जा रहा है। इसका सार्थक परिणाम भी सामने आ रहा है और पौधों की जड़ों तक लगातार नमी बनी हुई है।
जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखण्ड के अमोदा संकुल अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा (अमोदा) में पदस्थ शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी अपने स्टाप के साथ विद्यालय परिसर में लगे पौधों को गर्मी से बचाने नवाचार की दिशा में इन दिनों काम कर रहे है। शिक्षक ने बताया कि विद्यालय परिसर में बड़ी तादात में पौधारोपण किया गया है किंतु सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने से पौधे मरने के कगार पर पहुंचने लगे थे ऐसे में पौधों को बचाने नवाचार किया गया। इसमें बिसलरी बाटल जिसे उपयोग के बाद इधर-उधर फेंक दिया जाता है जिससे पर्यावरण भी प्रदूषित होता है ऐसे प्लास्टिक के बाटलों को एकत्र कर अस्पताल में उपयोग में लायी जाने वाली आई.व्ही. सेट के सहायता से सभी बाटलों को इस तरह से व्यवस्थित किया गया कि जैसे मरीजों को बाटल चढ़ाया जाता है उसी तर्ज पर पौधों को पानी से भरा बाटल चढ़ाया गया और बाटल का पानी पाइप के सहारे बूंद-बूंद पौधों की जड़ों तक पहुंचने लगी। इस तरह से भीषण गर्मी में पौधों की जड़ों तक नमी बरकरार रखने में सहायता मिल रही है। इस नवाचारी कार्य के लिए ग्राम सरपंच सोनाराम साहू, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कौशल प्रसाद साहू, विद्यालय के प्रभारी प्रधान पाठक शिक्षक पंचायत कन्हैया लाल मरावी, उ.व.शि. हीरालाल कर्ष, संतोष श्रीवास सहित सफाई कर्मचारी साधराम यादव का सहयोग व मार्गदर्शन मिल रहा है। शिक्षक पंचायत राजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान 2016 में विद्यालय में 26 नीम, 5 पीपल, 3 अशोक, 3 सिरसा, 2 आम, 2 आवला, 11 करंज, 3 बरगद, 7 जामुन, 4 नीलगिरी, 1 कहवा तथा 2 नग गंगा इमली का पौधा कुल 69 पौधा रोपित है। ऐसे सभी पौधों पर इस तरह की बाटल तैयार कर लगाने का काम जारी है। प्रत्येक दिवस प्रार्थना पश्चात सभी शिक्षक व बच्चे मिलकर पौधों की देखरेख गोबर खाद डालना, खरपतवार नष्ट करना सहित बाटलों में पानी भरने व उसके रखरखाव के लिए काम करते है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा इस तरह से बिना खर्च के टीएलएम तैयार कर पौधों की भीषण गर्मी से रक्षा की जा सकती है।
                  जांजगीर-चांपा जिले के सरकारी विद्यालय में हो रहे नवाचार की गतिविधियों
का अवलोकन करने के लिए यू ट्यूब
https://youtu.be/jX5erqZFbro
World Water Day In Govt.School

https://youtu.be/AYF5VkXbrO0
Drip irrigation for plant In Govt.School








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