The Digital Teacher : एन.सी.ई.आर.टी. दिल्ली के विज्ञान कार्यशाला 2016 में राजेश सूर्यवंशी ने लिया हिस्सा

एन.सी.ई.आर.टी. दिल्ली के विज्ञान कार्यशाला 2016 में राजेश सूर्यवंशी ने लिया हिस्सा

राष्ट्रीय स्तर पर एन.सी.ई.आर.टी. दिल्ली में 1 से 4 फरवरी 2016 तक विज्ञान किट निर्माण व उपयोग संबंधी कार्यशाला संपन्न हुई। उक्त कार्यशाला में एस.सी.ई.आर.टी. रायपुर के संचालक संजय कुमार ओझा के निर्देशन व श्रीमती ज्योति चक्रवर्ती के मार्गदर्शन में जांजगीर-चांपा सहित छत्तीसगढ़ राज्य से कुल 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया। सभी शिक्षक गत 30 जनवरी को दिल्ली रवाना हुए तथा 6 फरवरी को वापस लौटे। इस राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान कार्यशाला में नवागढ़ ब्लाक के अमोदा संकुल अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा (अमोदा) में पदस्थ शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी ने चार दिवसीय कार्यशाला से लौटकर बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यशाला से जो कुछ सीखा उसे अपने जिले में बच्चों व शिक्षकों के समक्ष प्रस्तुत कर सीखने सिखाने के लिए प्रेरित करूंगा। श्री सूर्यवंशी ने इस कार्यशाला के लिए एस.सी.ई.आर.टी. के श्रीमती ज्योति चक्रवर्ती सहित सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एन.सी.ई.आर.टी. दिल्ली में शैक्षणिक किट विभाग के प्रमुख डा. आर.के. पाराशर व तकनीकी अधिकारी व्ही.बी. पाटील के नेतृत्व में विषय विशेषज्ञों डा. विजय शारदा व डा. समीर व्यास ने रसायन शास्त्र, डा. जानसन डेविड ने बायोलाजी तथा डा. आर.एस. दास व कुमारी मुकेश मेडम ने भौतिक शास्त्र पर आधारित प्रायोगिक कार्यों व सिद्धांतों पर कार्य करना सिखाया। चार दिवसीय कार्यशाला में कक्षा 6 वीं से 8 वीं तक विज्ञान के अवधारणाओं व प्रयोगों पर लगातार सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कार्य करने का अवसर मिला। कार्यशाला से लौटकर राज्य भर के सभी 15 विज्ञान शिक्षकों का वाट्सअप ग्रुप तैयार करने की जिम्मेदारी जांजगीर-चांपा जिले के शिक्षक राजेश कुमार सूर्यवंशी को मिली है।
                               साइंटिफिक ऐटिट्यूड डवलपमेंट करना हो उद्देश्य-ज्योति चक्रवर्ती
राष्ट्रीय स्तर के कार्यशाला के समापन अवसर पर 4 फरवरी को छत्तीगढ़ एस.सी.ई.आर.टी. रायपुर से दिल्ली पहुंची विषय विशेषज्ञ श्रीमती ज्योति चक्रवर्ती ने सभी 15 प्रतिभागियों को संबोधित कर उनका हौसला आफजाई किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय, राज्य, जिला व ब्लाक स्तर पर विज्ञान के कार्यशाला शिक्षकों के लिए आयोजित की जाती है किंतु उसके बाद भी स्कूलों में विज्ञान पर कुछ भी प्रयोग या सहायक सामग्री नहीं दिखता जो कि बहुत खेद का विषय है। उन्होंने कहा कि अब हमें साइंस किट का इंतजार नहीं करना है बल्कि तत्काल प्रभाव से काम शुरू करना है। हमने किताब डिजाईन करते समय किसी बड़े प्रयोग को नहीं दिखाया बल्कि ऐसे प्रयोगों को दिखाया जिसे हम जुगाड़ करके एकत्र कर सकते है। आज जरूरत है अपर प्रायमरी लेवल पर विज्ञान के प्रयोगशाला बनाने की, हमें बच्चों को प्रेरित करने की जरूरत है, बच्चे अपने आसपास के माहौल से सीखे और अपने शिक्षकों से उसके बारे में चर्चा करें, इस तरह से बच्चों के मस्तिष्क में साइंटिफिक ऐटिट्यूड डवलपमेंट करना हम सबका उद्देश्य होना चाहिए। श्रीमती चक्रवर्ती ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आप सब आपस में वाट्सअप ग्रुप से जुड़े तथा विज्ञान के किसी भी टापिक पर एक दूसरे से डिस्कशन करते रहे। इसके साथ ही उन्होनें सभी प्रतिभागियों से इस कार्यशाला का फीडबैक प्रस्तुत करने की बात कही। इस राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान कार्यशाला में राजेश कुमार सूर्यवंशी पूर्व मा.शाला नवापारा (अमोदा) वि.ख. नवागढ़ जिला जांजगीर-चांपा, मोहित कुमार वर्मा पूर्व माध्यमिक अभ्यास शाला रायपुर, नीलेश देवांगन हिंदु पूर्व मा. शाला रायपुर, बाबू लाल बरेठ पूर्व मा. शाला रोढ़े वि.ख. पोड़ी उपरोड़ा कोरबा, एम.आर.जोशी पूर्व मा. शाला गुरसिया, वि.ख. पोड़ी उपरोड़ा कोरबा, संजय कुमार वर्मा पूर्व मा. शाला करतला कोरबा, केजहा राम निषाद पूर्व मा. शाला जेवरा बेमेतरा, लेखराम साहू पूर्व मा. शाला चरौदा रायपुर, संजय कुमार सूर्यवंशी पूर्व मा. शाला सतरेंगा कोरबा, महिपत लाल चौधरी पूर्व मा. शाला बनसिया रायगढ़, महावीर प्रसाद धीवर पूर्व मा. शाला सलखा बिलासपुर, संतोष पात्रे पूर्व मा. शाला सिंघरी वि.ख. बिल्हा बिलासपुर, श्रीमती लीना वर्मा पूर्व मा. शाला देवरी रायपुर, श्रीमती किरण सिंह पूर्व मा. शाला घाटाद्वारी वि.ख. करतला कोरबा व विजय लक्ष्मी यादव कस्तूरबा आश्रम शाला कोरबा ने भागीदारी निभाया।






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