सक्ती। सरकारी स्कूल के शिक्षक की मेहनत और लगन अब रंग लाने लगी है। विज्ञान विषय पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने व शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करने जैसी गतिविधियों से विगत सात वर्षों से जुड़कर काम कर रहे जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखण्ड संकुल केन्द्र अमोदा के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा (अमोदा) में पदस्थ शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी ने एक ऐसे विज्ञान के माडल प्रयोगशाला व क्लब के गठन पर काम करना आरंभ किया है जिसका उद्देश्य विज्ञान विषय के सहायक सामग्री (टी.एल.एम.) के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में विज्ञान की गतिविधि आधारित शिक्षा प्रदान करने की है। हाल ही में 1 से 4 फरवरी 2016 तक एन.सी.ई.आर.टी. नई दिल्ली के विज्ञान कार्यशाला से लौटने के बाद उक्त शिक्षक ने स्वयं के पैसे से इस पर काम करना आरंभ कर दिया और फिर समुदाय से भी इन्हे सहयोग प्राप्त होने लगा जहां इनकी लगन और मेहनत को देखकर इनके विज्ञान प्रयोगशाला के लिए दरी, पंखे, दीवाल घड़ी जैसे आवश्यक संसाधन बतौर उपहार स्वरूप दिये गये। इस बीच शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के अंतर्गत स्वायत संस्था विज्ञान प्रसार (विपनेट) को पत्र लिखकर अपने उद्देश्य व गतिविधि से अवगत कराया जिसके बाद विपनेट के कोआर्डिनेटर व वैज्ञानिक डा. अरविंद सी. रानाडे द्वारा 25 फरवरी 2016 को ई मेल से पत्र भेजकर शिक्षक पंचायत के कार्यों की सराहना करते हुए उसे विज्ञान प्रसार से संबंधित विज्ञान क्लबों के देशव्यापी नेटवर्क से पंजीकृत किया है। इस संबंध में शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि विपनेट विज्ञान प्रसार से संबंधित विज्ञान क्लबों का देशव्यापी नेटवर्क है जिसका मुख्यालय नोएडा उत्तर प्रदेश में है। इस नेटवर्क का मकसद विज्ञान प्रसार के साथ काम करने वाले विज्ञान क्लब, समितियों और संस्थाओं को एक कड़ी में जोड़ना है ताकि विद्यार्थियों व समाज के विकास में इसका दुरगामी और सकारात्मक प्रभाव पड़े। श्री सूर्यवंशी ने बताया कि विपनेट ने मेरे सिखो सिखाओं विज्ञान क्लब को यूनिक अथारिसेशन नंबर व्ही.पी.-सी.टी. 0055 जारी किया है। इस तरह से यह क्लब पंजीकृत क्लब बन गया है। सरकारी स्कूल में बजट व संसाधन के अभाव जैसी समस्याओं से जूझ रहे शिक्षक पंचायत श्री सूर्यवंशी ने बताया कि इस पर अभी काम जारी है। जहां कुछ ही महिनों में माडल प्रयोगशाला व क्लब पूरी तरह से अस्तित्व में होगा। मेरा यह प्रयास होगा कि सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को बेहतर तकनीकी संसाधनों के साथ विज्ञान के सहायक सामग्रियों से अच्छी तालीम दी जा सके। इससे बच्चों में विज्ञान विषय के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और गतिविधियों के माध्यम से सीखते हुए उनमें वैज्ञानिक सोच वाली क्षमता उत्पन्न होगी। ऐसी गतिविधियों से बच्चों की उत्सुकता बढ़ेगी, उनमें अनुसंधान और रचनात्मकता की प्रवृत्ति को प्रोत्साहन मिलेगा और इस तरह से विज्ञान की पढ़ाई अत्यंत आनंददायक और रुचिकर होगी। शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी द्वारा अब तक राज्य स्तर पर एस.सी.ई.आर.टी. रायपुर सहित बस्तर, रायगढ़ के विज्ञान कार्यशाला में हिस्सा लिया गया है तो वही राष्ट्रीय स्तर पर एनसीईआरटी दिल्ली से प्रशिक्षित है। पूर्व में इनके निर्देशन में तैयार इंस्पायर अवार्ड माडल का चयन राष्ट्रीय स्तर पर हो चुका है। उत्कृष्ट शैक्षणिक गतिविधियों व रचनात्मक कार्यों में जुड़े रहने के चलते इन्हे अब तक कई मान सम्मान व पुरस्कार प्राप्त हो चुके है। जहां जिला प्रशासन जांजगीर-चांपा द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह 2016 में भी इन्हे उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में सम्मानित किया गया है। कम्प्यूटर इंटरनेट जैसे आधुनिक तकनीकों के प्रयोग में दक्ष उक्त शिक्षक कक्षा अध्यापन के दौरान इन तकनीकों का प्रयोग करते है।
सीखो सिखाआें विज्ञान क्लब गठित, विपनेट से वर्ष 2016 में हुआ पंजीकृत VPCT0055
सक्ती। सरकारी स्कूल के शिक्षक की मेहनत और लगन अब रंग लाने लगी है। विज्ञान विषय पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने व शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करने जैसी गतिविधियों से विगत सात वर्षों से जुड़कर काम कर रहे जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखण्ड संकुल केन्द्र अमोदा के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा (अमोदा) में पदस्थ शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी ने एक ऐसे विज्ञान के माडल प्रयोगशाला व क्लब के गठन पर काम करना आरंभ किया है जिसका उद्देश्य विज्ञान विषय के सहायक सामग्री (टी.एल.एम.) के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में विज्ञान की गतिविधि आधारित शिक्षा प्रदान करने की है। हाल ही में 1 से 4 फरवरी 2016 तक एन.सी.ई.आर.टी. नई दिल्ली के विज्ञान कार्यशाला से लौटने के बाद उक्त शिक्षक ने स्वयं के पैसे से इस पर काम करना आरंभ कर दिया और फिर समुदाय से भी इन्हे सहयोग प्राप्त होने लगा जहां इनकी लगन और मेहनत को देखकर इनके विज्ञान प्रयोगशाला के लिए दरी, पंखे, दीवाल घड़ी जैसे आवश्यक संसाधन बतौर उपहार स्वरूप दिये गये। इस बीच शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के अंतर्गत स्वायत संस्था विज्ञान प्रसार (विपनेट) को पत्र लिखकर अपने उद्देश्य व गतिविधि से अवगत कराया जिसके बाद विपनेट के कोआर्डिनेटर व वैज्ञानिक डा. अरविंद सी. रानाडे द्वारा 25 फरवरी 2016 को ई मेल से पत्र भेजकर शिक्षक पंचायत के कार्यों की सराहना करते हुए उसे विज्ञान प्रसार से संबंधित विज्ञान क्लबों के देशव्यापी नेटवर्क से पंजीकृत किया है। इस संबंध में शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि विपनेट विज्ञान प्रसार से संबंधित विज्ञान क्लबों का देशव्यापी नेटवर्क है जिसका मुख्यालय नोएडा उत्तर प्रदेश में है। इस नेटवर्क का मकसद विज्ञान प्रसार के साथ काम करने वाले विज्ञान क्लब, समितियों और संस्थाओं को एक कड़ी में जोड़ना है ताकि विद्यार्थियों व समाज के विकास में इसका दुरगामी और सकारात्मक प्रभाव पड़े। श्री सूर्यवंशी ने बताया कि विपनेट ने मेरे सिखो सिखाओं विज्ञान क्लब को यूनिक अथारिसेशन नंबर व्ही.पी.-सी.टी. 0055 जारी किया है। इस तरह से यह क्लब पंजीकृत क्लब बन गया है। सरकारी स्कूल में बजट व संसाधन के अभाव जैसी समस्याओं से जूझ रहे शिक्षक पंचायत श्री सूर्यवंशी ने बताया कि इस पर अभी काम जारी है। जहां कुछ ही महिनों में माडल प्रयोगशाला व क्लब पूरी तरह से अस्तित्व में होगा। मेरा यह प्रयास होगा कि सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को बेहतर तकनीकी संसाधनों के साथ विज्ञान के सहायक सामग्रियों से अच्छी तालीम दी जा सके। इससे बच्चों में विज्ञान विषय के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और गतिविधियों के माध्यम से सीखते हुए उनमें वैज्ञानिक सोच वाली क्षमता उत्पन्न होगी। ऐसी गतिविधियों से बच्चों की उत्सुकता बढ़ेगी, उनमें अनुसंधान और रचनात्मकता की प्रवृत्ति को प्रोत्साहन मिलेगा और इस तरह से विज्ञान की पढ़ाई अत्यंत आनंददायक और रुचिकर होगी। शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी द्वारा अब तक राज्य स्तर पर एस.सी.ई.आर.टी. रायपुर सहित बस्तर, रायगढ़ के विज्ञान कार्यशाला में हिस्सा लिया गया है तो वही राष्ट्रीय स्तर पर एनसीईआरटी दिल्ली से प्रशिक्षित है। पूर्व में इनके निर्देशन में तैयार इंस्पायर अवार्ड माडल का चयन राष्ट्रीय स्तर पर हो चुका है। उत्कृष्ट शैक्षणिक गतिविधियों व रचनात्मक कार्यों में जुड़े रहने के चलते इन्हे अब तक कई मान सम्मान व पुरस्कार प्राप्त हो चुके है। जहां जिला प्रशासन जांजगीर-चांपा द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह 2016 में भी इन्हे उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में सम्मानित किया गया है। कम्प्यूटर इंटरनेट जैसे आधुनिक तकनीकों के प्रयोग में दक्ष उक्त शिक्षक कक्षा अध्यापन के दौरान इन तकनीकों का प्रयोग करते है।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
डिजिटल स्कूल में दीक्षांत समारोह के साथ परीक्षाफल की घोषणा, बच्चों को बांटे गये अंकसूची...
नवागढ़ ब्लाक के शास.पूर्व माध्य.शाला नवापारा (अमोदा) में शिक्षा सत्र के अंतिम दिवस आज 29 अप्रैल शनिवार को प्रगति पत्रक वितरण सह दीक्षांत समार...
-
शा सकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा (अमोदा) विकासखण्ड-नवागढ़ जिला-जांजगीर-चांपा छ.ग. में शिक्षा सत्र 2018-19 में कक्षा आठवीं के छात्र-छात...
-
वि श्व जल दिवस 22 मार्च 2019 पर जल व पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नवागढ़ ब्लाक के शास.पूर्व मा.शाला नवापारा (अमोदा) से जागरूकता रै...
-
नवागढ़ विकासखण्ड अंतर्गत संकुल केन्द्र धनेली में संकुल केन्द्र धुरकोट, खोखरा व धनेली अंतर्गत आने वाले शास. प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्...
No comments:
Post a Comment