समाज को दिशा और संस्कार प्रदान करने का कार्य शिक्षक ही करते है। बहुत से लोग जो रास्ता भटक जाते है उन्हें सही रास्ता दिखाने का कार्य शिक्षक ही कर सकते है। उन्होंने कहा कि वे शिक्षक जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज को एक दिशा देने में लगा दिए है, वो सेवानिवृत्त होने पर सिर्फ शासकीय दायित्वों से मुक्त हुए है, वो इसी तरह आगे भी लोगों का मार्गप्रशस्त करने में अपनी अहम भूमिका निभाए।
उक्त बातें जैजैपुर विधायक केशव प्रसाद चंद्रा ने कही। देश के पूर्व राष्ट्रपति डाॅ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के अवसर पर 6 सितंबर 2015 को जैजैपुर विकासखण्ड मुख्यालय के शा.उ.मा.विद्यालय परिसर में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के विभिन्न विकासखण्डों के 152 सेवानिवृत्त शिक्षकों, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य के लिए तथा विज्ञान के क्षेत्र में विशिष्ट शिक्षक के रूप में आश्रम शाला अमलडीहा सक्ती से शैल कुमार पाण्डेय, पूर्व मा.शा. नवापारा अमोदा नवागढ़ से शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी, सक्ती ब्लाक से व्याख्याता पंचायत सुरेश कुमार जायसवाल, प्रा. शाला अमोदा नवागढ़ से विजय कुमार प्रधान सहित विभिन्न 9 विकासखण्डों से 52 उत्कृष्ट शिक्षकों सहित कार्यक्रम में उपस्थित करीब एक हजार से अधिक शिक्षकों को तिलक लगाकर व माला पहनाकर सम्मान किया गया। शासकीय नवीन महाविद्यालय जैजैपुर के प्राचार्य डाॅ. फूलदास मंहत के मुख्य आतिथ्य तथा शासकीय बेदराम महाविद्यालय मालखरौदा के प्राचार्य डाॅ. डी.आर.लहरे की अध्यक्षता में इस सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जैजैपुर के विधायक श्री केशव चन्द्रा के नेतृत्व में किया गया। विशिष्ट अतिथि जिला कलेक्टर ओ.पी. चैधरी ने कहा कि शिक्षा समाज की रीढ़ होती है वही समाज प्रगति किया है जिसने शिक्षा प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि जैजैपुर विधायक का यह आयोजन सराहनीय व बधाई के पात्र है। शिक्षा किसी भी समाज व राष्ट्र को बदलने की ताकत रखती है। यदि किसी देश की शिक्षक सही है तो वह राष्ट्र निश्चित ही उन्नति करता है। कलेक्टर ने साउथ कोरिया का उदाहरण देते हुए बताया कि यह देश वर्ष 1948 में स्वतंत्र हुआ जहां वर्ष 1950 तक इसकी दशा भारत से भी बदतर रही लेकिन वर्ष 1969 में यहां के पार्थ राष्ट्रपति सबके लिए शिक्षा अनिवार्य किया और 1964 तक पूरे देश के नागरिक 100 प्रतिशत शिक्षित बन गये और पूरा देश 70-80 के दशक तक आते-आते विकसित राष्ट्रों की लाइन में शामिल हो गया। वहां वन व खनिज संपदा नहीं है किंतु पूरा देश विकसित है। कलेक्टर ने आगे कहा कि भारत जगत गुरू था क्योंकि तब शिक्षा को महत्व ज्यादा दिया गया था। रामायण महाभारत में गुरू का स्थान सर्वोच्च बताया गया है जिसमें गुरू द्रोणाचार्य के अंगूठा मांगने पर शिष्य ने उसे काटकर दे दिया था। किंतु ये संस्कृति अब कमजोर हो रही है, शिक्षक व छात्र के बीच संबंध व्यावसायिक जैसे होने लगी है। यह समाज के लिए खतरा है। इस अवसर पर जनपद पंचायत जैजैपुर की अध्यक्ष श्री श्रीमती जानकी देवी चन्द्रा, उपाध्यक्ष चन्द्र कुमार चन्द्रा, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व डिप्टी कलेक्टर डाॅ.एस.एस.राज, मीडिया प्रभारी रमेश साहू सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में शिक्षकगण उपस्थित थे।



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