गुरूघासीदास केन्द्रीय विश्व विद्यालय बिलासपुर में दो दिवसीय अंग्रेजी भाषा रीडिंग कार्ड मटेरियल डवलपमेंट फार इलेमेंटरी लर्नर वर्कशाप 28 से 29 जनवरी 2019 तक संपन्न हुआ। डा.सी.एस.वजलवार (एच.ओ.डी.) के मार्गदर्शन तथा डा. सुधीर सुदाम कावरे, डा. ज्योति वर्मा, श्रीमती जे.सी. कुरियन सहा. प्राध्यापक एससीईआरटी रायपुर, प्रो. भट्टाचार्य सहा. प्राध्यापक डाइट दुर्ग के नेतृत्व में आयोजित कार्यशाला में राज्य भर के 23 सहायक प्राध्यापकों व शिक्षकों ने हिस्सा लिया। रीडिंग कार्ड मटेरियल डेवलपमेंट का यह तीसरा व अंतिम वर्कशाप रहा जिसमें जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ ब्लाक से नवाचारी शिक्षक राजेश कुमार सूर्यवंशी व सरकार सिंह लहरे ने सहभागिता कर रीडिंग कार्ड निर्माण की बारिकियों को सीखा।
गौरतलब हो कि पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय मिशन के तहत डिपार्टमेंट आफ एजुकेशन यू.जी.सी.- मानव संसाधन विकास केन्द्र (एच.आर.डी.सी.) कोनी में यह कार्यशाला आयोजित था जिसमें छोटे-छोटे कहानियों को लेकर बच्चों के लिए रीडिंग कार्ड बनाने की तरीकों को बताया गया साथ ही कार्ड निर्माण भी कराया गया। इस दौरान प्रतिभागियों के बीच ग्रुप डिस्कशन, सेल्फ लर्निंग मटेरियल, मोरल एजुकेशन, एम.सी.क्यू., ओपन एण्ड क्लोज क्वेशचन जैसे प्रश्न निर्माण की गतिविधियां करायी गयी। प्रथम दिवस 28 जनवरी को कार्यशाला का शुभारंभ प्रोफेसर मनीषा दुबे डीन सोशल साइंस ने किया।
उन्होंने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि हम किताबों को सरसरी तौर पर न पढ़े उन्हे ध्यान से पढ़े अपने दिमाग में बैठाये और उसे आचरण में उतारे। उन्होंने कहा कि आप इलेमेंटरी लर्नर के लिए काम कर रहे है जब यह सब पब्लिश होगी और बच्चों तक पहुंचेगी तो आप सभी की मेहनत सार्थक होगी। कार्यशाला में आबजेक्टिव टाइप क्वेशचन, ग्लोसरी, कार्ड विवरण, थीम निर्माण व आवश्यकतानुसार चित्रकारी करने के उपायों पर प्रकाश डाला गया। द्वितीय दिवस 29 जनवरी को रीडिंग कार्ड को अंतिम रूप देते हुए सभी प्रतिभागियों का फोटो सेशन कर सर्टिफिकेट वितरण किया गया। कार्यशाला से लौटकर शिक्षक राजेश सूर्यवंशी ने बताया कि आने वाले दिनों में इस कार्यशाला से सीखे गये गतिविधियों का प्रयोग अपने विद्यालय में किया जायेगा और बच्चों के लिए छोटे-छोटे कहानी तैयार कर उसे किताबों का रूप दिया जायेगा जिसे बच्चे मनोरंजन के तौर पर पढ़कर ज्ञान अर्जित करेंगे।







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