The Digital Teacher : राजेश कुमार सूर्यवंशी को मिला मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण ज्ञानदीप पुरस्कार

राजेश कुमार सूर्यवंशी को मिला मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण ज्ञानदीप पुरस्कार


 मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण पुरस्कार सम्मान समारोह आज 3 जनवरी 2019 गुरूवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जांजगीर मंे संपन्न हुआ जिसमें जिले भर के कुल 36 तथा नवागढ़ ब्लाक के कुल 9 शिक्षक-शिक्षिकाओं राजेश कुमार सूर्यवंशी शिक्षक पूर्व मा.शाला नवापारा अमोदा, कुमारी दीप्ति राठौर पूर्व मा.शाला चोरभठ्ठी, बोधीराम साहू शा.प्रा.शाला पचेड़ा, आगरदास बंजारे प्रधान पाठक प्रा.शाला सदर जांजगीर, सुभाष सिंह नेताम प्रा.शाला गतवापारा रोगदा, श्रीमती विद्या देवी साहू शा.प्रा.शाला कनस्दा, श्रीमती रागिनी तिवारी शा.प्रा.शाला गोड़पारा अमोरा, श्रीमती रेवती साहू प्रा.शाला भाठापारा रिंगनी, श्रीमती चंद्रकिरण सोनी पूर्व मा.शाला खोखरा को पुरस्कार में प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो व सात हजार रुपए का चेक भेंट कर सम्मानित किया।
गौरतलब हो कि शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करने, समाज सेवा सहित अन्य क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए जिले के नवागढ़, अकलतरा, पामगढ़, बलौदा व बम्हनीडीह से कुल 36 शिक्षकों को मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण पुरस्कार योजना के तहत सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर श्री कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी सक्ती सुधीर सराफ, जे.के. बावरे, श्री ताण्डे जी विशेष रूप से उपस्थित थे। पुरस्कार से नवाजे जाने पर ब्लाक शिक्षा अधिकारी नवागढ़ आर.एल.जायसवाल, बीआरसीसी श्रीमती रिषीकांता राठौर, एबीईओ राजीव नयन शर्मा, संजय देवांगन, दिनेश राठौर, शैक्षिक समन्वयक अमोदा अनिल पाण्डेय, प्रधान पाठक कन्हैया लाल मरावी, श्रीमती सत्या सूर्यवंशी, रामकृष्ण कटकवार, साधराम यादव सहित शिक्षकों ने उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ बधाइयां दी है। एक चर्चा के दौरान नवाचारी शिक्षक श्री सूर्यवंशी ने बताया कि पुरस्कार में मिले सात हजार रूपये को स्कूल की बेहतरी में खर्च किया जायेगा। उन्होंने अपने शाला प्रबंधन समिति, विद्यार्थियों, समुदाय व विभागीय अधिकारियों, डाइट के सभी अकादमिक सदस्यों के सहयोग व मार्गदर्शन से विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण निर्माण के क्षेत्र में कार्य जारी है। आज के समय में विद्यालय में नवाचार अत्यंत आवश्यक है। नई शिक्षा पद्धति से बच्चों को पढ़ाने से उनमें शिक्षा के प्रति ज्यादा रुचि पैदा होती है और वे नियमित स्कूल आते है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक को शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा, संस्कृति, कला, रोजगारउन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए साथ ही कमजोर बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करने साथ ही उनके अभिभावकों के साथ शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए नियमित संपर्क कर विद्यालय में बेहतर शैक्षिक वातावरण का निर्माण किया जा सकता है।
                                            उपलब्धियों से भरा है नवाचारी शिक्षक का जीवन

शिक्षक श्री सूर्यवंशी स्वयं के वेतन से पैसे जमा कर विद्यालय को डिजिटल विद्यालय के रूप में तब्दील कर चुके है, जहां प्रत्येक माह अपने वेतन से उपकरणों का मेंटेनेंस करते है, जल व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विद्यालय में सफलता पूर्वक काम किया गया है। जिला व राज्य स्तर पर सार्वजनिक आयोजनों में इनके द्वारा विज्ञान टीएलएम प्रदर्शनी लगायी जाती है, विद्यालय के बच्चे जिला व राज्य स्तर के विविध प्रतियोगिताओं में सहभागिता निभाते है। विद्यालयीन गतिविधियों के साथ ही ब्लाक व जिले के शिक्षक प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में अपनी सेवाएं देते है। समुदाय व समाज से इन्हे ऐसे कार्यों के लिए अब तक कई आर्थिक मदद व ढेरों पुरस्कार मिल चुका है।

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