The Digital Teacher : एन.सी.ई.आर.टी. नई दिल्ली विज्ञान प्रशिक्षण 2016 का प्रतिवेदन

एन.सी.ई.आर.टी. नई दिल्ली विज्ञान प्रशिक्षण 2016 का प्रतिवेदन














शैक्षिक किट प्रभाग एन.सी.ई.आर.टी. नई दिल्ली में विज्ञान किट हेतु उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए दिनांक 1 से 4 फरवरी 2016 तक प्रि शक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में एस.सी.ई.आर.टी. रायपुर के संचालक श्री संजय कुमार ओझा के निर्देशन व श्रीमती ज्योति चक्रवर्ती के मार्गद र्शन में छत्तीसगढ़ राज्य के उच्च प्राथमिक  शालाओं में विज्ञान विशय का अध्यापन करने वाले 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं श्री राजे श कुमार सूर्यवं शी  शास. पूर्व मा. शाला नवापारा (अमोदा) वि.ख. नवागढ़, जिला जांजगीर-चांपा, श्री मोहित कुमार वर्मा  शास. पूर्व माध्यमिक अभ्यास  शाला रायपुर, श्री नीले श देवांगन  शास. हिंदु पूर्व मा.  शाला रायपुर, श्री बाबू लाल बरेठ  शास. पूर्व मा.  शाला रोढ़े वि.ख. पोड़ी उपरोड़ा जिला कोरबा, श्री एम.आर.जो शी  शास. पूर्व मा.  शाला गुरसिया, वि.ख. पोड़ी उपरोड़ा कोरबा, श्री संजय कुमार वर्मा  शास. पूर्व मा.  शाला करतला कोरबा, श्री केजहा राम निशाद  शास. पूर्व मा.  शाला जेवरा बेमेतरा, श्री लेखराम साहू  शास. पूर्व मा.  शाला चरौदा रायपुर, श्री संजय कुमार सूर्यवं शी  शास. पूर्व मा.  शाला सतरेंगा कोरबा, श्री महिपत लाल चौधरी  शास. पूर्व मा.  शाला बनसिया रायगढ़, श्री महावीर प्रसाद धीवर  शास. पूर्व मा.  शाला सलखा बिलासपुर, श्री संतोश पात्रे  शास. पूर्व मा.  शाला सिंघरी वि.ख. बिल्हा बिलासपुर, श्रीमती लीना वर्मा  शास. पूर्व मा.  शाला देवरी रायपुर, श्रीमती किरण सिंह  शास. पूर्व मा.  शाला घाटाद्वारी वि.ख. करतला कोरबा व विजय लक्ष्मी यादव कस्तूरबा आश्रम  शाला कोरबा ने भागीदारी निभाया। कार्य शाला में एन.सी.ई.आर.टी. दिल्ली के  शैक्षणिक किट विभाग के प्रमुख डा. आर.के. पारा शर व तकनीकी अधिकारी श्री व्ही.बी. पाटील के नेतृत्व में विशय वि शेशज्ञों डा. विजय  शारदा व डा. समीर व्यास ने रसायन  शास्त्र, डा. जानसन डेविड ने बायोलाजी तथा डा. आर.एस. दास व कुमारी मुके श मेडम ने भौतिक  शास्त्र पर आधारित प्रायोगिक कार्यों व सिद्धांतों पर कार्य करना सिखाया। चार दिवसीय कार्य शाला में कक्षा 6 वीं से 8 वीं तक विज्ञान के अवधारणाओं व प्रयोगों पर लगातार सुबह 9 से  शाम 5 बजे तक कार्य करने का अवसर मिला।

प्रथम दिवस दिनांक 01 फरवरी 2016

प्रथम दिवस के कार्य शाला का  शुभारंभ  शैक्षिक किट प्रभाग के कांफ्रेस हाल में प्रातः 9.30 बजे हुआ जहां प्रथम दिवस के प्रथम सत्र में पंजीयन व परिचय का सत्र डा. ए.के. वजरवाल व श्री व्ही.बी. पाटील की उपस्थिति में 11.00 बजे तक हुई। सभी प्रतिभागियों को पेन, डायरी, बुक्स आदि वितरित किये गये, इसके पष्चात 11.00 से 11.30 बजे तक टी ब्रेक हुई। द्वितीय सत्र में प्रातः 11.30 से दोपहर 1 बजे तक रसायन  शास्त्र के प्रयोग शाला में डा. विजय  शारदा व डा. समीर व्यास द्वारा ठोस द्रव्य व गैस, विलयन का पृथकरण, चुंबकीय पृथककरण, अम्ल, क्षार व लवण से संबंधित प्रयोग कराये गये। सभी प्रतिभागियों ने इससे अच्छी जानकारी हासिल की। इसके बाद दोपहर 1.00 से 2.00 बजे तक भोजनावका श दिया गया। भोजन के बाद दोपहर 2.00 बजे से तृतीय सत्र की  शुरूआत डा. जानसन डेविड के बायोलाजी किट के साथ हुई जहां दोपहर 3.30 बजे तक बीजों का चयन, उसके भाग व प्रकार, भोजन में पोशक तत्वों का परीक्षण, डायकोट व मोनोकोट पत्तियों का पहचान, ट्रांसपिरे शन इन प्लांट, लीव्ज आर कीचन आफ प्लांट पर प्रयोग किया गया। इसके बाद दोपहर 3.30 से  शाम 4.00 बजे तक टी ब्रेक दी गयी। प्रथम दिवस के चतुर्थ सत्र  शाम 4.00 से 5.30 बजे तक जारी रही जिसमें भौतिक  शास्त्र के डा. आर.एस. दास व कुमारी मुके श मेडम द्वारा विभिन्न प्रकार के गति, पेंडुलम का सिद्धांत, प्रका श का सीधा रेखा में गमन, पिनहोल कैमरा का सिद्धांत, पारद र्शी व अपारद र्शी का सिद्धांत के बारे में प्रयोग कराये गये। इस तरह से प्रथम सत्र का समापन 1 फरवरी की  शाम 5.30 बजे किया गया।

द्वितीय दिवस दिनांक 02 फरवरी 2016

द्वितीय दिवस के कार्य शाला का  शुभारंभ रसायन  शास्त्र के प्रयोग शाला में प्रातः 9.30 बजे हुआ जहां डा. विजय  शारदा व डा. समीर व्यास द्वारा भौतिक व रासायनिक परिवर्तन, विस्थापन अभिक्रिया सहित विभिन्न अभिक्रियाओं पर प्रयोग कराये गये। इसके पष्चात 11.00 से 11.30 बजे तक टी ब्रेक हुई। द्वितीय सत्र में प्रातः 11.30 से दोपहर 1 बजे तक डा. जानसन डेविड ने बायोलाजी किट अंतर्गत जड़ों के प्रकार, जड़ों की कार्यविधि, प्रका श संष्लेशण की क्रियाविधि, सोल कंपोनेंट्स, प्रे शर आफ वाटर इन सोल तथा मिट्टी में जलधारण क्षमता पर प्रयोग कराया गया। इसके बाद दोपहर 1.00 से 2.00 बजे तक भोजनावका श दिया गया। भोजन के बाद दोपहर 2.00 बजे से तृतीय सत्र में डा. आर.के. पारा शर व डा. समीर व्यास द्वारा रसायन किट के संबंध में दोपहर 3.30 बजे तक जानकारी दी गयी। इसके बाद दोपहर 3.30 से  शाम 4.00 बजे तक टी ब्रेक दी गयी। द्वितीय दिवस के चतुर्थ सत्र  शाम 4.00 से 5.30 बजे तक जारी रही जिसमें भौतिक  शास्त्र के डा. आर.एस. दास व कुमारी मुके श मेडम द्वारा लैंस, प्रतिबिंब का बनना, सामान्य विद्युत परिपथ, विद्युत चालकता, चुंबक के गुणधर्म के बारे में प्रयोग कराया गया। इस तरह से द्वितीय सत्र का समापन 2 फरवरी की  शाम 5.30 बजे किया गया।

तृतीय दिवस दिनांक 03 फरवरी 2016

तृतीय दिवस के कार्य शाला का  शुभारंभ रसायन  शास्त्र के प्रयोग शाला में प्रातः 9.30 बजे हुआ जहां डा. विजय  शारदा व डा. समीर व्यास द्वारा अवक्षेपण अभिक्रिया, ष्वास छोड़ने में कार्बन डाई आक्साइड की उपस्थिति का परीक्षण कराया गया। इसके पष्चात 11.00 से 11.30 बजे तक टी ब्रेक हुई। द्वितीय सत्र में प्रातः 11.30 से दोपहर 1 बजे तक डा. जानसन डेविड ने बायोलाजी किट अंतर्गत ष्वसन में कार्बन डाई आक्साइड का निकलना, ष्सवन में डायफ्राम का महत्व, स्वनिर्मित स्टेथेस्कोप का प्रयोग, ओस्मासिस इन पोटाटो आस्मोमीटर, ए सेक्सुअल रिप्रोडक् शन तथा पौधो की वृद्धि के लिए फर्टिलाइजर संबंधी प्रयोग कराया गया जिसे सभी ने बेहतर ढंग से करके सीखा। इसके बाद दोपहर 1.00 से 2.00 बजे तक भोजनावका श दिया गया। भोजन के बाद दोपहर 2.00 बजे से तृतीय सत्र में डा. आर.के. पारा शर व डा. समीर व्यास द्वारा रसायन किट के संबंध में दोपहर 3.30 बजे तक विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गयी। इसके बाद दोपहर 3.30 से  शाम 4.00 बजे तक टी ब्रेक दी गयी। तृतीय दिवस के चतुर्थ सत्र  शाम 4.00 से 5.30 बजे तक जारी रही जिसमें भौतिक  शास्त्र के डा. आर.एस. दास व कुमारी मुके श मेडम द्वारा विभिन्न प्रकार के चुंबक, चुंबकीय कंपास सहित अन्य गतिविधियां करायी गयी। इस तरह से तृतीय सत्र का समापन 3 फरवरी की  शाम 5.30 बजे किया गया।

चतुर्थ दिवस दिनांक 04 फरवरी 2016

चतुर्थ दिवस के कार्य शाला का  शुभारंभ रसायन  शास्त्र के प्रयोग शाला में प्रातः 9.30 बजे हुआ जहां डा. विजय  शारदा व डा. समीर व्यास द्वारा विभिन्न प्रकार के रासायनिक प्रयोग व समीकरण संतुलित करना बताया गया। इसके पष्चात 11.00 से 11.30 बजे तक टी ब्रेक हुई। द्वितीय सत्र में प्रातः 11.30 से दोपहर 1 बजे तक डा. जानसन डेविड ने बायोलाजी किट अंतर्गत सूक्ष्म जीवों, किण्डवन अभिक्रिया, सूक्ष्मजीवों की पहचान, पादप को शका, रिप्रोडक् शन इन अमीबा एण्ड हाइड्रा पर प्रयोग कराये गये। इसके बाद दोपहर 1.00 से 2.00 बजे तक भोजनावका श दिया गया। भोजन के बाद दोपहर 2.00 बजे से तृतीय सत्र में डा. आर.के. पारा शर व डा. समीर व्यास द्वारा रसायन किट के संबंध में दोपहर 3.30 बजे तक जानकारी प्रदान की गयी। इसके बाद दोपहर 3.30 से  शाम 4.00 बजे तक टी ब्रेक दी गयी। चतुर्थ दिवस के चतुर्थ सत्र  शाम 4.00 से 5.30 बजे तक जारी रही जिसमें भौतिक  शास्त्र के डा. आर.एस. दास व कुमारी मुके श मेडम द्वारा सूर्य घड़ी, जनरेटर का सिद्धांत, सूर्य प्रका श में सप्त रंगों का विभाजन, कैलिडोस्कोप, मो शन एण्ड टाइम, प्रिज्म आदि से संबंधित प्रयोग कराये गये। इस तरह से चतुर्थ सत्र का समापन 3 फरवरी की  शाम 5.30 बजे किया गया।

बच्चों में साइंटिफिक एटिट्यूड पैदा करना हो उद्देष्य-श्रीमती ज्योति चक्रवर्ती
राश्ट्रीय स्तर के कार्य शाला के समापन अवसर पर 4 फरवरी 2016 को छत्तीगढ़ एस.सी.ई.आर.टी. रायपुर से दिल्ली पहुंची विशय वि शेशज्ञ श्रीमती ज्योति चक्रवर्ती ने सभी 15 प्रतिभागियों को संबोधित कर उनका हौसला आफजाई किया। उन्होंने कहा कि राश्ट्रीय, राज्य, जिला व ब्लाक स्तर पर विज्ञान के कार्य शाला ि शक्षकों के लिए आयोजित की जाती है किंतु उसके बाद भी स्कूलों में विज्ञान पर कुछ भी प्रयोग या सहायक सामग्री नहीं दिखता जो कि बहुत खेद का विशय है। उन्होंने कहा कि अब हमें साइंस किट का इंतजार नहीं करना है बल्कि तत्काल प्रभाव से काम  शुरू करना है। हमने किताब डिजाईन करते समय किसी बड़े प्रयोग को नहीं दिखाया बल्कि ऐसे प्रयोगों को दिखाया जिसे हम जुगाड़ करके एकत्र कर सकते है। आज जरूरत है अपर प्रायमरी लेवल पर विज्ञान के प्रयोग शाला बनाने की, हमें बच्चों को प्रेरित करने की जरूरत है, बच्चे अपने आसपास के माहौल से सीखे और अपने ि शक्षकों से उसके बारे में चर्चा करें, इस तरह से बच्चों के मस्तिश्क में साइंटिफिक ऐटिट्यूड डवलपमेंट करना हम सबका उद्देष्य होना चाहिए। श्रीमती चक्रवर्ती ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आप सब आपस में वाट्सअप ग्रुप से जुड़े तथा विज्ञान के किसी भी टापिक पर एक दूसरे से डिस्क शन करते रहे। इसके साथ ही उन्होनें सभी प्रतिभागियों से इस कार्य शाला का फीडबैक प्रस्तुत करने की बात कही।

उपसंहार- चार दिवसीय कार्य शाला एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा निर्मित विज्ञान किट को समझने के लिए बेहतर अवसर प्रदान किया साथ ही यह छात्रों के सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी तथा उनमें प्रक्रिया कौ शलों के विकास में सहायक होगा। राश्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्य शाला से जो कुछ सीखा उसे अपने जिले में बच्चों व ि शक्षकों के समक्ष प्रस्तुत कर सीखने सिखाने के लिए प्रेरित करूंगा। मैं इस कार्य शाला के लिए एस.सी.ई.आर.टी. रायपुर के संचालक श्री संजय कुमार ओझा व श्रीमती ज्योति चक्रवर्ती को धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। हम सभी प्रतिभागियों के ठहरने की व्यवस्था एन.सी.ई.आर.टी. परिसर में एन.आई.इ. गेस्ट हाउस श्री अरविंदो मार्ग नई दिल्ली-110016 में की गयी थी। सभी प्रतिभागियों के टी.ए. डी.ए. का भुगतान निर्धारित नार्म्स के अनुसार वास्तविक टिकट के प्रस्तुतीकरण करने पर किया गया साथ ही सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। हम सभी प्रतिभागियों का चारों दिनों के कार्य शाला का फोटो से शन भी किया गया। प्रि शक्षण उपरांत दे श के राजधानी दिल्ली में स्थित ऐतिहासिक धरोहरों, स्थलों को भी प्रत्यक्ष देखने का सुखद अवसर प्राप्त हुआ। इस तरह से यह प्रि शक्षण कार्य शाला सभी मायनों में सर्वश्रेश्ठ कार्य शाला रहा।    



                



,




1 comment:

  1. Your participation in the national level training program is commendable,

    ReplyDelete

डिजिटल स्कूल में दीक्षांत समारोह के साथ परीक्षाफल की घोषणा, बच्चों को बांटे गये अंकसूची...

नवागढ़ ब्लाक के शास.पूर्व माध्य.शाला नवापारा (अमोदा) में शिक्षा सत्र के अंतिम दिवस आज 29 अप्रैल शनिवार को प्रगति पत्रक वितरण सह दीक्षांत समार...