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सूर्यांश मेला सिवनी में नवाचारी शिक्षकों का शैक्षणिक प्रदर्शनी रहा आकर्षण का केन्द्र...

तीन दिवसीय अंतर्राष्टीय सूर्यांश महा महोत्सव 24 से 26 दिसंबर 2022 तक सिवनी स्थित सूर्यांश धाम में संपन्न हुआ। इस मेला में जिले के नवाचारी शिक्षकों श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी शिक्षक पूर्व मा. शाला नवापारा, (नवागढ़), श्रीमती गीता लहरे शिक्षिका शा.पूर्व मा.शाला पीथमपुर (नवागढ़), श्री नरेन्द्र कुमार लहरे प्रधान पाठक प्रा.शाला सुल्ताननार (बलौदा) व श्री किशन लठारे सहा.शिक्षक प्राथ. शाला जाटा (बलौदा) ने शैक्षणिक नवाचारी गतिविधियों पर आधारित टी.एल.एम. का प्रदर्शनी लगाया जिसमें विद्यार्थियों, आम नागरिकों, पालकों, जनप्रतिनिधियों व शासन प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियों ने पहुंचकर स्टाल का अवलोकन कर शिक्षा विभाग में हो रहे नवाचारी गतिविधियों का अवलोकन किया। प्रदेश भर से पहुंचे लोगों के द्वारा तैयार शैक्षणिक प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया और शिक्षकों व बच्चों की वैज्ञानिक सोच की प्रशंसा की। शैक्षणिक प्रदर्शनी में विज्ञान माडल, नवाचार, कबाड़ से जुगाड़, स्वच्छ भारत अभियान, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण से संबंधित सहायक शिक्षण सामग्रियों का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही शासकीय शाला में स्मार्ट क्लास में पढ़ाई का प्रदर्शन छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने किया जिसमें अत्यंत कम लागत में नवाचार पर आधारित प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र रहा। अंतिम दिवस आयोजन समिति की ओर से सभी शिक्षकों को प्रमाण पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। इस संबंध में नवाचारी शिक्षक राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि सार्वजनिक आयोजनों में शैक्षणिक प्रदर्शनी के माध्यम से सरकारी स्कूलों की बेहतर गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाता है। इस सत्र में उनके द्वारा राज्य स्तर पर, जिला स्तर पर व ब्लाक स्तर पर इस तरह के प्रदर्शनी का आयोजन किया जा चुका है। इसी कड़ी में यह आयोजन जिले के नवाचारी शिक्षकों श्री नरेन्द्र लहरे (राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक), श्रीमती गीता लहरे (मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण ज्ञानदीप पुरस्कृत शिक्षिका) व श्री किशन लठारे (शिक्षक एवं अंतर्राष्टीय रंगमंच कलाकार) के सहयोग से किया गया जो सफल आयोजन रहा है। नवाचारी शिक्षक श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि आज की शिक्षण प्रणाली में व्यावहारिक ज्ञान एवं इंटरेक्टिव टीचिंग का होना विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है और हम इस दिशा में सराहनीय कार्य करने का प्रयास कर रहे है।  
     रक्तदान सेवा संस्थान ने किया नवाचारी शिक्षकों का सम्मान...
सिवनी नैला के सूर्यांश धाम में आयोजित तीन दिवसीय सूर्यांश महा महोत्सव के द्वितीय दिवस 25 दिसंबर को सूर्यवंशी रक्तदान सेवा समिति छत्तीसगढ़ ने ने इंजी. जयशंकर ताम्ब्रे की स्मृति में आयोजन स्थल पर जिले की नवाचारी शिक्षकों राजेश कुमार सूर्यवंशी शिक्षक पूर्व मा. शाला नवापारा, (नवागढ़), श्रीमती गीता लहरे शिक्षिका शा.पूर्व मा.शाला पीथमपुर (नवागढ़), नरेन्द्र कुमार लहरे प्रधान पाठक प्रा.शाला सुल्ताननार (बलौदा) व किशन लठारे सहा.शिक्षक प्राथ. शाला जाटा (बलौदा) का पुष्पगुच्छ, मेडल व रक्त मित्र सम्मान पत्र भेंटकर सम्मान किया। यह सम्मान उन्हे बेहतर शैक्षणिक गतिविधियों, रक्तदान के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने, रक्तदान करने तथा वृक्षारोपण कार्य में सराहनीय सहभागिता के लिए दिया गया। टीम के सक्रिय सदस्य जागेश्वर हंसराज ने उन्हे यह सम्मान देते हुए कहा कि रक्तदान किसी के जीवन को बचाने की दिशा में एक उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय पहल है। रक्तदान से कोई कमजोरी नहीं आती चिकित्सकों की सलाह से 18 से 55 वर्ष का कोई भी स्वस्थ्य व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। इस दौरान सूर्यवंशी रक्तदान सेवा समिति छत्तीसगढ़ टीम के श्री जागेश्वर हंसराज रायगढ़, श्री परस सूर्यवंशी बिलासपुर, श्री सूरज सोनी सीपत, श्री राहूल सोनी बिलासपुर, श्री सी.एल. करियारे रायपुर सहित उनके टीम के सदस्यगण उपस्थित रहे।


                    


















































जिला स्तरीय कबाड़ से जुगाड़ प्रदर्शनी में प्राथमिक स्तर पर नवागढ़ विकासखण्ड रहा प्रथम ....


दिनांक 21 दिसंबर 2022 बुधवार को जिला मुख्यालय जांजगीर में जिला स्तरीय कबाड़ से जुगाड़ कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें जांजगीर-चांपा जिला के पामगढ़, अकलतरा, बलौदा, नवागढ़ व बम्हनीडीह सहित शैक्षणिक जिला सक्ती के मालखरौदा, जैजैपुर, डभरा व सक्ती विकासखण्ड शामिल रहा। सभी 9 विकासखण्डों से ब्लाक स्तर पर चयनित एक-एक प्राथमिक व एक-एक पूर्व माध्यमिक विद्यालयों से शिक्षकगण अपने द्वारा तैयार सहायक शिक्षण सामग्री का प्रदर्शन किये। ज्यूरी सदस्यों में श्रीमती दुर्गा भगत प्राचार्य, श्री चंद्रा डाइट व चक्रपाल तिवारी व्याख्याता सेजेस जांजगीर रहे। सभी स्टाल का अवलोकन उपरांत प्राथमिक वर्ग से नवागढ़ विकासखण्ड को प्रथम स्थान दिया गया वही मिडिल वर्ग से नवागढ़ ब्लाक को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राथमिक वर्ग से शिक्षिका श्रीमती रंजना नायक (शासकीय नवीन प्राथमिक शाला सुकली) तथा पूर्व माध्यमिक वर्ग से शिक्षक राजेश कुमार सूर्यवंशी (शासकीय पूर्व माध्य. शाला नवापारा अमोदा) को जिला परियोजना अधिकारी श्री राजकुमार तिवारी, सहायक परियोजना अधिकारी श्री हरिराम जायसवाल, श्री दिनेश सोनवान, बीआरसीसी श्रीमती रिषीकांता राठौर सहित उपस्थित अधिकारियों ने मोमेंटो व प्रमाण पत्र से सम्मानित किया।
विदित हो कि कबाड़ से जुगाड़ कार्यक्रम के तहत पूरे जांजगीर-चांपा जिले में पहले संकुल स्तर पर फिर ब्लाक स्तर पर और अंत में जिला स्तर पर यह प्रदर्शनी कार्यक्रम संपन्न कराया गया। जिसमें विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम को सुगम, रुचिकर और सरल बनाने के लिए शिक्षक-शिक्षिकाओं के द्वारा विभिन्न प्रकार के पाठ्य शिक्षण सहायक सामग्री के उपयोग को प्रोत्साहन देने यह आयोजन किया गया। नवागढ़ विकासखण्ड की इस उपलब्धि पर बीईओ श्री विजय कुमार लहरे, बीआरसीसी श्रीमती रिषीकांता राठौर, एबीईओ श्री संजय कुमार देवांगन, श्री तरूण कुमार साहू, श्री इन्द्रमणि सिंह, प्रधान पाठक श्रीमती जयंती दुबे, श्री असीमधर दीवान, संकुल प्राचार्य अमोदा श्री सतीश कुमार साहू, सीएसी श्री भानूप्रताप महाराणा, सीएसी गौद श्री अनिल पाण्डेय, श्री कन्हैया लाल मरावी, श्रीमती सत्या सूर्यवंशी, प्रधान पाठक श्री हीरालाल कर्ष, सीएसी जांजगीर क्रमांक 2 श्री दीपक थवाईत, श्रीमती गीता लहरे, श्रीमती चंद्रिका भवानी, श्रीमती ज्योति भारद्वाज, श्री नरेन्द्र राठौर, अंजू मिश्रा एमआरए, श्रीमती मनीषा साहू (नगारीडीह), श्री अमित शुक्ला (मोहतरा), शाला प्रबंधन समिति, पालकों व विद्यार्थियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्जवल्य भविष्य की कामना की है। 






















मानवाधिकार दिवस का आयोजन कर विद्यार्थियों को किया गया जागरूक...




विद्यार्थियों में सामाजिक, सांस्कृतिक, शारीरिक अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने आज 10 दिसंबर शनिवार को शास. पूर्व माध्य. शाला नवापारा (अमोदा) में मानवाधिकार दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मानवाधिकार के बारे में डिजिटल कक्ष में विडियो प्रदर्शन कर जानकारी दी गयी तो वही विद्यालय मैदान में सभा का आयोजन किया गया। नवाचारी शिक्षक श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि मानवाधिकार वो मूलभूत अधिकार हैं जिनसे किसी भी इंसान को नस्ल, जाति, राष्ट्रीयता, धर्म, लिंग जैसे मुद्दों के आधार पर प्रताड़ित नहीं किया जा सकता और उन्हें देने से वंचित नहीं किया जा सकता। असमानताओं को कम करना और मानवाधिकारों को आगे बढ़ाना है। इस दिन, संयुक्त राष्ट्र राष्ट्रों को सभी के लिए समान अवसर देने और असमानता यानि इनइक्वैलिटी, बहिष्कार और भेदभाव के मुद्दों को संबोधित करने के लिए प्रोत्साहित करता है। श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि मौलिक अधिकार भारत के संविधान के तीसरे भाग में वर्णित भारतीय नागरिकों को प्रदान किए गए वे अधिकार हैं जो सामान्य स्थिति में सरकार सीमित नहीं कर सकती। यह अधिकार सभी भारतीय नागरिकों की नागरिक स्वतंत्रता प्रदान करते हैं। जैसे सभी भारत के लोग, भारतीय नागरिक के रूप में शांति के साथ समान रूप से जीवन व्यापन कर सकते हैं। शिक्षक श्री कन्हैया लाल मरावी ने मानव अधिकारों का उल्लेख किया तथा विद्यार्थियों से आह्वान किया की वें समाज में मानव अधिकार के प्रति जागरूकता लाएं। इस अवसर पर सभी विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।

हर साल 10 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के तौर पर मनाया जाता है। सबसे पहले 10 दिसंबर 1948 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकारों को अपनाने की घोषणा की। हर साल 10 दिसंबर का दिन दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

जानिये क्या हैं मुख्य मानवाअधिकार
मानव अधिकार का अर्थ उन मूल अधिकारों से है, जो सभी को समान रुप से जीवन जीने, स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और एक समान व्यवहार की प्राप्ति का अधिकार प्रदान करता है। ऐसे में कुछ ऐसे मौलिक अधिकार है जो हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है, यह नियम कानून युद्ध बंदियों, कैदियों से लेकर सामान्य नागरिकों तक के लिए बनाए गये है।

1 बोलने की आजादी
2 आजादी और सुरक्षा का अधिकार
3 आर्थिक शोषण के खिलाफ आजाव उठाने का अधिकार
4 रंग, नस्ल, भाषा, धर्म के आधार पर समानता का अधिकार
5 कानून के सामने समानता का अधिकार
6 कानून के सामने अपना पक्ष रखने का अधिकार
7 अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार

मानवाधिकार दिवस को मनाने के कारण और उद्देश्य
मानव अधिकार दिवस मनुष्य के लिए वास्तविक अधिकार प्राप्त करने के लिए दुनिया भर में लोगों द्वारा मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में लोगों के शारीरिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भलें और कल्याण में सुधार करने के लिए मनाया जाता है। 
इसे मनाने के कुछ महत्वपूर्ण उद्देश्य और कारण निम्न है-

1 दुनिया भर के लोगों के बीच में मानव अधिकारों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना।
2 समग्र मानव अधिकारों की स्थिति में प्रगति के लिये संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रयासों पर जोर देना।
3 एक साथ मानव अधिकारों के विशिष्ट मुद्दों को उजागर करने के लिए सहयोग और चर्चा करना।
4 इस कार्यक्रम में अल्पसंख्यक समूहों जैसे- महिलाओं, नाबालिगों, युवाओं, गरीबों, दिव्यांग व्यक्तियों और आदि अन्य को राजनीतिक निर्णय लेने में भाग लेने और मनाने के लिये प्रोत्साहित करना।











नवापारा मिडिल स्कूल में मनाया गया बाबा साहेब अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस...







आज 6 दिसंबर 2022 सोमवार को शास.पूर्व माध्य शाला नवापारा (अमोदा) में भारतीय संविधान के निर्माता विश्वरत्न बोधिसत्व डा. भीमराव बाबा साहेब अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस मनाया गया। इस दौरान मौन धारण कर तैलचित्र पर धूप दीप प्रज्जवलित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी तथा डिजिटल कक्ष में बाबा साहब के जीवनी पर आधारित चलचित्र का प्रदर्शन करते हुए शिक्षकों ने डा. अंबेडकर के जीवन-वृत्त पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के संयोजक राजेश कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि बाबा साहब ने श्रमिकों से लेकर किसान और महिलाओं के अधिकार के लिए काम किया है। इस वजह से आज बाबा साहब के परिनिर्वाण दिवस पर समूचा विश्व उन्हें नमन कर रहा है। उनके द्वारा दिया गया संविधान विश्व का सर्वाेपरि संविधान है जो सभी वर्गों के लिए लागू होता है। बाबा साहेब ने जीवन भर संघर्ष किया, लेकिन उन संघर्षों ने उनके व्यक्तित्व को खरा कुंदन बना दिया। शिक्षक राजेश कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि अस्पृश्यता एक अप्राकृतिक भाव है। जैविक रूप से प्रत्येक मनुष्य समान है। बावजूद इसके हमारे समाज में जाति और वर्ण की समानता को लेकर चेतना का अभाव था। बाबा साहब एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने अत्यंत तार्किक ढंग से हमें इस बात को समझाया कि सबको समान अवसर एवं समान सम्मान मिलना चाहिए। उनका पूरा जीवन जातिवाद को खत्म करने, गरीबों, दलितों और पिछड़े वर्गों के लिए अर्पित किया था। शिक्षक कन्हैया लाल मरावी ने अपने संबोधन में बताया कि आज के समय में भी डा. आंबेडकर के विचार उतने ही प्रासांगिक हैं, जितने स्वतंत्रता के समय थे। हमें उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाना होगा, तभी हमारा देश प्रगति पथ पर आगे बढ़ सकेगा। कार्यक्रम में सभी विद्यार्थियों का सराहनीय योगदान रहा। अंत में सभी ने संकल्प लिया कि अंबेडकर की सीखों को जीवन में उतारकर पढ़ाई लिखाई के क्षेत्र में नव प्रतिमान दर्ज करेंगे।




नवागढ़ ब्लाक के नवनियुक्त प्रधान पाठकों का अधिस्थापन प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न...


अकादमिक व प्रशासनिक कसावट लाने विकासखण्ड नवागढ़ के प्राथमिक शालाओं में नवनियुक्त प्रधान पाठकों सहित पुराने कार्यरत प्रधान पाठकों का संयुक्त रूप से एक दिवसीय इंडक्शन टेªनिंग (अधिस्थापन प्रशिक्षण) का आयोजन 3 दिसंबर शनिवार को एस.डी.महाविद्यालय नवागढ़ में आयोजित किया गया। कार्यशाला में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी नवागढ़ श्री विजय कुमार लहरे व उनकी पूरी टीम एबीईओ श्री तरूण साहू, श्री इन्द्रमणि सिंह, मास्टर टेªनर श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी, श्रीमती जयंती दुबे, श्री घनश्याम देवांगन, अजीम प्रेमजी के जिला प्रमुख मुनीर, श्री जागेश्वर लहिमोर, श्री बजरंग कटकवार, श्री विनोद शर्मा ने ब्लाक के सभी शालाओं में अकादमिक व प्रशासनिक कसावट लाने विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर टिप्स दिए तथा सभी से सुझाव लेते हुए सवाल जवाब किये गये। कार्यशाला में शिक्षा स्थायी समिति के अध्यक्ष श्री पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह ने उपस्थित होकर प्रधान पाठकों का हौसला आफजाई करते हुए ब्लाक में बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था बनाने की अपील की साथ ही स्काउण्ट गाईड के जिला मुख्य आयुक्त श्री जितेन्द्र पाण्डेय ने उपस्थित होकर स्काउट्स-गाइड्स, कप बुलबुल के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी, उन्होंने रेंजर्स स्काउटर व गाइडर को मिलने वाले राज्य पुरस्कार, आपदा प्रबंधन, एडवेंचर, ट्रेकिंग, प्रथम, द्वितीय व तृतीय सोपान आदि के बारे में प्रकाश डाला। 
विदित हो कि एक दिवसीय अधिस्थापन प्रशिक्षण की विधिवत शुरूआत मां सरस्वती की पूजा अर्चना व राजगीत के साथ किया गया जिसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया। अपने स्वागत भाषण में बीईओ श्री विजय कुमार लहरे ने बताया कि पूरे जिले में यह पहला ब्लाक है जहां अधिस्थापन प्रशिक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने अकादमिक व शैक्षिक प्रबंधन पर चर्चा करते हुए सभी नवनियुक्त प्रधान पाठकों से परिचय प्राप्त किया, स्कूलों के लिए उनकी क्या योजना है इस पर जानकारी ली, स्कूलों में कितने प्रकार के पंजियों का संधारण किया जाना है इस पर जानकारी दी। उन्होंने निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के महत्वपूर्ण बिंदूओं पर चर्चा करते हुए प्रधान पाठकों के सवालों का जवाब दिया। एबीईओ श्री तरूण साहू ने एमडीएम, बालवाड़ी, किचन शेड सहित अन्य विभागीय योजनाओं पर जानकारी दी। अजीम प्रेमजी के श्री मुनीर ने सद्भावना विद्यालय, गुणात्मक शिक्षा, असर व नास रिपोर्ट पर अपनी बात रखी। कबाड़ से जुगाड़ के ब्लाक नोडल राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि कक्षा अध्यापन के दौरान टीएलएम का उपयोग अनिवार्य है, इसे स्थानीय स्तर पर बच्चों व शिक्षकों के साथ मिलकर तैयार करना है टीएलएम लर्निंग आउटकम पर आधारित होना चाहिए। श्री सूर्यवंशी ने विभाग में चल रहे विभिन्न आनलाईन एण्ट्री टेक्नीकल पीएफएमएस, सीजी स्कूल, इस्पायर अवार्ड, स्कालरशिप जैसे बिंदुओं पर जानकारी दी। उपचारात्मक शिक्षण के ब्लाक नोडल श्रीमती जयंती दुबे ने बताया कि कोरोना काल के दौरान हुए लर्निंग गैप और लर्निंग लास को दूर करने के उद्देश्य से कक्षा पहली से आठवीं तक उपचारात्मक शिक्षण कराया जा रहा है जिसके लिए नवाजतन का प्रशिक्षण संपन्न हो चुका है। एसएमसी एक्शन मोड के ब्लाक नोडल घनश्याम देवांगन ने अपने संबोधन में शाला प्रबंधन समिति गठन की प्रक्रिया, कार्ययोजना, एसएमसी का महत्व आदि विषयों पर चर्चा करते हुए ब्लाक भर में इसे सक्रिय रूप से क्रियान्वित करने की बात कही। वही सीएसी नवागढ़ राजकुमार जलतारे ने सुघ्घर पढ़वईया योजना के तहत उत्कृष्ट विद्यालयों के प्रमाणीकरण की योजना के संबंध में जानकारी दी। इस कार्यशाला में नवागढ़ ब्लाक के सभी 42 संकुल केन्द्रों अंतर्गत प्राथमिक शालाओं के निवनियुक्त एवं पुराने प्रधान पाठक शामिल हुए। आयोजन को सफल बनाने में डा. कमलेश कुमार पाण्डेय, श्री अनिल शर्मा सीएसी, श्री रामकृष्ण कटकवार, श्री सौरभ कैवर्त, श्री इकबाल खान, श्री रिषीकुमार चंद्रा, श्री प्रेम सोनवाने सहित सभी कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।
















डिजिटल स्कूल में दीक्षांत समारोह के साथ परीक्षाफल की घोषणा, बच्चों को बांटे गये अंकसूची...

नवागढ़ ब्लाक के शास.पूर्व माध्य.शाला नवापारा (अमोदा) में शिक्षा सत्र के अंतिम दिवस आज 29 अप्रैल शनिवार को प्रगति पत्रक वितरण सह दीक्षांत समार...