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निष्ठा माड्यूल 3.0, कोर्स 07 प्राथमिक कक्षाओं में बहुभाषी शिक्षण ...

शिक्षक साथियों नमस्कार, 

प्राथमिक कक्षाओं में बहुभाषी शिक्षण नामक प्रशिक्षण इन दिनों जारी है जिसे पूरा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2022 तय है। इस कोर्स के अंत में कुल 20 प्रश्नोत्तरी है जिसे हर बार रैण्डम तरीके से प्रश्नों के क्रमांक व विकल्प बदलकर पूछा जा रहा है जिसमें 70 प्रतिशत अंक आने पर ही प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है। अपने इस ब्लाग के माध्यम से मैं इस माड्यूल को हल करने का प्रयास किया हूं जिसमें कुल 40 प्रश्नोत्तरी भी उपलब्ध है इसमें से कोई 20 प्रश्न आपको हल करने है-

आइए इस कोर्स को पहले स्व अध्ययन करते है-






प्रश्न 1 कक्षा में दूसरी भाषा सीखाने की आधारभूत शर्त नहीं है?
उत्तर - शुरूआत से ही एल 2 की शब्दावली लिखना।

प्रश्न 2 इस कोर्स में हमने सीखा कि -
उत्तर - जिस क्षेत्र में बच्चों की भाषा को शिक्षण का माध्यम नहीं बनाया जा सकता, वहां बच्चों की भाषा का कार्य नैतिक तौर पर मौखिक प्रयोग करना चाहिए।

प्रश्न 3 भाषा अंतर्निहित निपुणता का सिद्धांत किसके द्वारा दिया गया था?
उत्तर - जिम कमिंस

प्रश्न 4 भारत में हुई 2011 की जनगणना से यह बात उभरकर सामने आयी कि-
उत्तर - अधिकतर लोग एक से अधिक भाषाएं बोलते है।

प्रश्न 5 इनमें से सही कथन है-
उत्तर - भाषाएं परस्पर एक दूसरे से मिले जुले रूप में ही विकसित होती है।

प्रश्न 6 भाषा शिक्षण से जुड़ी भ्रांति चुनिए-
उत्तर - जितनी छोटी उम्र में बच्चों को अपरिचित भाषा में पाठ्यपुस्तके पढ़ने के लिए देंगे, बच्चे वह भाषा उतनी जल्दी सीखेंगे।

प्रश्न 7 राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 मातृभाषा के प्रयोग के बारे में क्या कहती है?
उत्तर - छोटे बच्चे अपनी मातृभाषा के माध्यम से बेहतर रूप से सीखते है।

प्रश्न 8 बहुभाषी शिक्षण के संदर्भ में निम्न में से गलत वाक्य चुनें-
उत्तर - अलग-अलग भाषाओं को कक्षा में जगह देने से बच्चों के सीखने पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

प्रश्न 9 निम्न में से कौन सा बच्चा सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करेगा?
उत्तर - रमेश, जिसके घर और समुदाय में सब भोजपुरी बोलते है और कक्षा में अंग्रेजी भाषा का प्रयोग होता है।

प्रश्न 10 आरंभिक वर्षों में एल 2 के विकास के संदर्भ में निम्न में से कौन सी रणनीति लाभदायक नहीं होगी?
उत्तर - एल 2 सिखाने के लिए वर्णमाला को याद कराना और पाठ्यपुस्तक के अभ्यास करना।












प्रश्न 11 रोजमर्रा के जीवन में हममे से अधिकतर लोग कैसी भाषा का प्रयोग करते है?
उत्तर - मिली-जुली भाषा

प्रश्न 12 गलत कथन चुनें-
उत्तर - मातृभाषा में अध्यापन से बच्चों को अन्य सभी विषयों को सीखने में कठिनाई होती है।

प्रश्न 13 बहुभाषी शिक्षण के लाभ में शामिल नहीं है-
उत्तर - कक्षा एक में अंग्रेजी पढ़ना-लिखना सीख जाना।

प्रश्न 14 ज्ञान के सृजन के लिए किस भाषा की आवश्यकता होती है?
उत्तर - परिचित भाषा

प्रश्न 15 कमला राजस्थान के कोटा जिला में रहती है, उसके घर की भाषा हाड़ोती है। उसने स्कूल शुरू होने के 4 माह बाद स्कूल में दाखिला लिया है और आज उसका स्कूल में पहला दिन है। आप ऐसा क्या करेंगे जिससे कमला सहज महसूस कर सके?
उत्तर - कमला से हाड़ोती भाषा में खूब सारी अनौपचारिक बातचीत करेंगे।

प्रश्न 16 कोर्स में वारली पेण्टर की कहानी देने का उद्देश्य क्या है?
उत्तर - आवश्यकतानुसार एक से अधिक भाषाओं के उपयोग के बारे में बताना।

प्रश्न 17 प्रथम भाषा एल 1 से तात्पर्य है-
उत्तर - बच्चे की समझ की भाषा

प्रश्न 18 इनमें से मिश्रित भाषा का उदाहरण नहीं है-
उत्तर - शिक्षक एल 2 में बोलते है और बच्चे एल 2 में जवाब देते है।

प्रश्न 19 आरंभिक वर्षों में बच्चों की शिक्षा का माध्यम उनके घर की भाषा ही होनी चाहिए क्योंकि -
उत्तर - भाषा सोचने समझने व सभी विषयों को सीखने का आधार है।

प्रश्न 20 वह भाषा जो औपचारिक तौर पर पाठ्यपुस्तकों, शिक्षण सामग्री और शिक्षण प्रक्रिया में इस्तेमाल की जाती है, वह भाषा.............कहलाती है।
उत्तर - शिक्षण का माध्यम













प्रश्न 21 शिक्षण कार्य में एल 1 का प्रयोग करने से
उत्तर - बच्चों को सभी विषय समझने में मदद मिलती है।

प्रश्न 22 राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में बहुभाषी शिक्षण के संदर्भ में उल्लेख किया गया है-
उत्तर - जहां तक संभव हो कक्षा पांचवीं तक शिक्षण का माध्यम बच्चों की समझ की भाषा हो। 

प्रश्न 23 प्राथमिक स्कूलों में लगभग 25 प्रतिशत बच्चों को आरंभिक वर्षों में गंभीर चुनौतियों का सामना क्यों करना पड़ता है?
उत्तर - घर की और स्कूल की भाषा में अंतर होना।

प्रश्न 24 भाषा के कारण क्षति उठाने वाले बच्चों में कौन शामिल नहीं है?
उत्तर - अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने वाले बच्चे जिनके घर में अंग्रेजी भाषा का माहौल है।

प्रश्न 25 प्रत्येक राज्य और राज्य के भीतर प्रत्येक स्थानीय प्राधिकारी भाषा संबंधी अल्पसंख्यक वर्गों के बालकों को शिक्षा के प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की पर्याप्त सुविधाओं की व्यवस्था करने का प्रयास करेगा। यह कथन कौन से दस्तावेज में कहा गया है?
उत्तर - भारत का संविधान

प्रश्न 26 आरंभिक वर्षों में बच्चों की शिक्षा का माध्यम उनके घर की भाषा ही होनी चाहिए क्योंकि -
उत्तर - भाषा सोचने समझने व सभी विषयों को सीखने का आधार है।

प्रश्न 27 बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान एफ एल एन मिशन की सफलता के लिए आवश्यक है-
उत्तर - बच्चों की परिचित भाषा का प्रयोग करना।

प्रश्न 28 बहुभाषी शिक्षण पद्धति की विशेषता नहीं है-
उत्तर - कक्षा में किसी एक भाषा का प्रभुत्व होना।

प्रश्न 29 भाषा के कारण क्षति उठाने वाले बच्चों में कौन शामिल नहीं है?
उत्तर - अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने वाले बच्चे जिनके घर में अंग्रेजी भाषा का माहौल है।

प्रश्न 30 असम में चाय के बगीचों में काम करने वाले आदिवासी समूहों के बीच की भाषा को कह सकते है-
उत्तर - लिंक भाषा










प्रश्न 31 सीखने की प्रक्रिया में ज्ञात से अज्ञात या परिचित से अपरिचित की ओर ही बढ़ना चाहिए। यह बात आई है-
उत्तर - एन.सी.एफ. 2005 में

प्रश्न 32 इनमें से कौन सा वाक्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार नहीं है।
उत्तर - मातृभाषा में शिक्षण से बच्चे अन्य भाषाएं नहीं सीख पाते, क्योंकि उसके लिए समय नहीं बचता।

प्रश्न 33 यू.डी.आई.एस.ई. के अनुसार भारत के स्कूलों में शिक्षण का माध्यम कितनी भाषाए है?
उत्तर - 36

प्रश्न 34 लिंक भाषा का प्रयोग किस परिस्थिति में किया जाता है?
उत्तर - जब विभिन्न भाषा संबंधी समुदाय के लोग एक साथ रहते हो।

प्रश्न 35 कमला जी कक्षा 2 के बच्चों को हिंदी सिखाना चाहती है। उन्हे अपनी कक्षा में निम्न में से कौन सी रणनीति अपनानी चाहिए?
उत्तर - हिंदी भाषा का प्रयोग पूरी तरह से बच्चों के हिंदी समझने के स्तर के अनुसार करना

प्रश्न 36 इथियोपिया के भाषा संबंधी माडल के अध्ययन से निष्कर्ष निकलता है कि-
उत्तर - मातृभाषा में अध्यापन से बच्चों ने सभी विषयों में बेहतर प्रदर्शन किया।

प्रश्न 37 इनमें से शोधकर्ता वुल्फ का कथन है-
उत्तर - शिक्षा में भाषा ही सब कुछ नहीं है, लेकिन भाषा के बिना शिक्षा में सब कुछ, कुछ भी नहीं है।

प्रश्न 38 भारत की जनगणना 2011 के अनुसार भारत में कुल कितनी मातृभाषाएं बोली जाती है?
उत्तर - 1369

प्रश्न 39 इनमें से कौन सा कथन बहुभाषी शिक्षण के संदर्भ में सही है?
उत्तर - बच्चों की भाषा को दूसरी भाषा सिखाने के लिए स्कैफोल्ड के रूप में प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 40 बहुभाषिकता का अर्थ है-
उत्तर - किसी व्यक्ति का दो या दो से अधिक भाषाओं का प्रयोग करना

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नववर्ष में समय प्रबंधन सीखे, अनुशासित जीवन शुरू करें...

साथियों सादर नमस्कार,

आज वर्ष 2022 का प्रथम दिन 1 जनवरी है, इस अवसर पर मैं अपने ब्लाग में आप लोगों के लिए कुछ मोटिवेशनल थाट्स लिखने का प्रयास कर रहा हूं उम्मीद है यह आप लोगों को बहुत पसंद आएगा और आप अपने जीवन में मोटिवेट होने के लिए इस मोटिवेशनल थाट्स का प्रयोग कर पायेंगे। हम कोई भी काम करें हम सभी चाहते हैं हमें उसमें जल्दी से सफलता मिले। हम दिन रात मेहनत करते हैं सिर्फ अपने काम में सफल होने के लिए। लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है, कि हम रात दिन मेहनत करने के बाद भी सफल नहीं हो पाते। हमारे रास्ते में बहुत तरह की रुकावट आ जाती है तब हमें रिचार्ज होने के लिए मोटिवेशन की जरूरत पड़ता है। जिससे हम दोबारा हमारे काम में वापस आ सके और सफलता प्राप्त कर सके। मेरा अनुभव रहा है कि सफलता पाने के लिए मोटिवेशन हमारे जीवन का एक अहम भूमिका निभाता है। क्योंकि अगर हम हमारे काम से भटक जाते हैं तो उसी काम को फिर से करने के लिए हमें प्रेरणा की आवश्यकता होती है। क्योंकि प्रेरणा के बिना हम कभी उस काम को कर नहीं सकते और सफल नहीं हो सकते। 
नया साल 2022 आ गया है एक बार फिर हम सब अपने स्वास्थ्य, कार्यक्षेत्र, पढ़ाई, अच्छी आदते, कमाई का नया जरिया को लेकर बहुत सारे योजनाएं बनाने वाले है या बना चुके है, किंतु कुछ समय बाद हमारे ये सारे प्लान ठण्डे पड़ जाते है हम Give Up कर जाते है। साथियों हम सब सफल होना चाहते है, अमीर बनना चाहते है और कई आईडियाज भी समय-समय पर फालो करते है किंतु कई बार हम असफल ही होते है। आमतौर पर मैं सफल और असफल इंसान के बीच एक अंतर महसूस करता हूं और वो ये कि सफल इंसान अपने Mind को Trend करता है। ऐसे समय में जब हम निराश, हताश और असफल हो रहे होते है तब खुद को बेहतर ढंग से संभाल पाना अपने लक्ष्य के प्रति फिर से उठ खड़ा होना एक चुनौती और दुष्कर कार्य है जिसे बहुत कम लोग ही कर पाते है। हम बेहतर करने के लिए स्वयं का सम्मान करना सीखे, अपनी तुलना किसी न करते हुए अपना जीवन अपने तरीके से जीना और अपना 100% क्षमता के साथ कार्य करना हमें औरों से बेहतर और अलग बनाता है। एक कहावत को मैं हमेशा फालो करता हूं वो ये कि भीड़ हमें ताकत तो देती है लेकिन हमारी पहचान छिन लेती है इसलिए भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय उसका केन्द्र बिंदु बनना ज्यादा बेहतर होता है। हमें अपने आप को एक नये सिरे से तैयार करने की जरूरत है। इसके लिए हम बुक्स पढ़ सकते है, मोटिवेशनल वीडियो देख सकते है या अन्य उपाय जिससे हम मोटिवेट होकर काम कर सके। इस नये वर्ष के अवसर पर मैं कुछ बेहतर उपाय बताने का प्रयास कर रहा हूं-


 

समय प्रबंधन सीखे, अनुशासित जीवन शुरू करें
नए साल में सफलता का आनंद लेना चाहते हैं तो समय प्रबंधन की कला को सीखें। समय की कीमत जो लोग जानते हैं उन्हें कभी असफलता का मुंह नहीं देखना पड़ता है। समय कभी किसी के लिए नहीं रूकता है। जो समय गुजर जाता है वो फिर लौटकर नहीं आता है। इसलिए हर पल कीमती है। इसका लाभ उठाने का प्रयास करें। रात में जल्दी सोने और सुबह बहुत जल्दी उठकर कुछ कि.मी. पैदल चलने का आदत डाले, सोशल मीडिया में बहुत ज्यादा समय न देते हुए अनिवार्य चीजों को देखे बाकी समय अखबार या किताब पढ़े या अपने मित्रों से वार्तालाप करें। 2022 में लक्ष्यों को पाने के लिए कठोर अनुशासन का पालन करें। जिन कार्यों को आलस या समय की कमी के कारण पूरा नहीं कर पाए, उन कार्यों को इस वर्ष पूर्ण करना चाहते हैं तो जीवन में अनुशासन को लागू करना होगा। अनुशासन से समय का महत्व पता चलता है। अनुशासन जीवन को बेहतर बनाता है।




2022 में गुस्सा व अहंकार को कहें अलविदा
क्रोध को सबसे बड़ा शत्रु बताया गया है। गीता में भी भगवान श्री कृष्ण ने क्रोध को सबसे बड़ा अवगुण बताया है। क्रोध में व्यक्ति सही और गलत का अंतर भूल जाता है। इसलिए इस नए साल में क्रोध का त्याग करें। जीवन अनमोल है इसे अहंकार से खराब न करें। अहंकार ऐसा अवगुण है जो अपनों को भी दूर कर देता है। अहंकार व्यक्ति का सबकुछ नष्ट कर देता है। लंकापित रावण का सर्वनाश अहंकार के कारण ही हुआ, इसलिए साल 2022 में अहंकार को दूर करें।



सत्य को अपनाएं और वाणी में मिठास पैदा करें
साल 2022 में दोनों हाथों को अच्छी चीजों को अपनाने के लिए खोल दें। सत्य को अपनाएं, सत्य कभी मिटता नहीं है ये अटल है। सत्य को अपनाने वाले दुख और कष्ट पर विजय प्राप्त करते हैं। वर्ष 2022 सभी के लिए महत्वपूर्ण है। बीते साल जिन लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर पाए। कहां पर कमियां रही और कौन सी गलतियां की इनका स्मरण करते हुए इस पर गौर करें कि कहीं वाणी दोष के कारण कार्य और संबंध बिगड़े तो नहीं है। यदि ऐसा है तो इस साल वाणी को खराब न करें और वाणी में मधुरता लाने का प्रयास करें।




निंदा न सुनें और न करें, विनम्र बने
विनम्रता एक श्रेष्ठ गुण है। इस गुण से शत्रु को भी मित्र बनाया जा सकता है। गीता में भी विनम्रता के बारे में बताया गया है। जिनके स्वभाव में विनम्रता होती है, वे सभी के प्रिय होते हैं। ऐसे लोगों को हर स्थान पर सम्मान मिलता है। साल 2022 में जिन बुरी आदतों से दूर रहना चाहते हैं उसमें निंद को भी शामिल कर लें। नए साल पर प्रण लें कि न निंदा करेंगे और न दूसरों की निंदा सुनेंगे। निंदा करना या सुनना अच्छा नहीं माना गया है। इससे लोभ, शत्रुता और मनमुटाव की स्थिति पैदा होती है। 



आप सभी का दिन मंगलमय हो ...



डिजिटल विद्यालय में मनाया गया डा. अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस ...


भारत के प्रथम कानून मंत्री डा. अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस 6 दिसंबर 2021 सोमवार को डिजिटल विद्यालय पूर्व माध्य.शाला नवापारा (अमोदा) में मनाया गया। इस अवसर पर शिक्षकों व विद्यार्थियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस संबंध में नवाचारी शिक्षक राजेश कुमार सूर्यवंशी ने विद्यार्थियों को बताया कि भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार डा. भीमराव रामजी अंबेडकर की आज 65 वीं पुण्यतिथि है। उनका निधन वर्ष 1956 में 6 दिसंबर के दिन हुआ था। वेे भारती बहुज्ञ, विधिवेता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाजसुधारक के रूप में जाने जाते थे। बाबा साहेब अंबेडकर ने बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया था साथ ही अछूतों से सामाजिक भेदभाव के विरोध में बड़े अभियान की भी शुरुआत की थी। श्रमिकों से लेकर किसान और महिलाओं के अधिकार के वो लड़े भी थे और उनका जमकर समर्थन भी किया था। आंबेडकर ने अपना पूरा जीवन जातिवाद को खत्म करने, गरीबों, दलितों और पिछड़े वर्गों के लिए अर्पित किया था। उनकी पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर प्रधान पाठक श्री भानूप्रताप महाराणा, शिक्षक श्री कन्हैया लाल मरावी, श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी सहित विद्यार्थियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
  
  






डिजिटल स्कूल का बीईओ ने किया औचक निरीक्षण, नवाचारी गतिविधि देख हुए प्रभावित ...

पूर्व माध्य. शाला नवापारा (अमोदा) विकासखण्ड नवागढ़ जिला जांजगीर-चांपा का 10 दिसबर शुक्रवार को विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी नवागढ़ श्री विजय कुमार लहरे ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डिजिटल कक्ष में बच्चों का अध्यापन कार्य देखा और उनसे विज्ञान विषय पर चर्चा की साथ ही नवाचारी शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने गुलदस्ता भेंटकर उनका स्वागत किया। उन्होंने सभी बच्चों को कोविड अनुरूप व्यवहार अपनाने की बात भी कही ताकि हम सब मिलकर कोरोना की तीसरी लहर को आने से रोक सके। निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन व्यवस्था, साफ-सफाई, शिक्षक दैनंदिनी, विद्यार्थी विकास सूचकांक सहित विभिन्न नवाचारी गतिविधियों को देखकर प्रसन्नता जाहिर की और आवश्यक सुझाव भी दिए। इस दौरान शिक्षक श्री कन्हैया लाल मरावी, श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी, सफाईकर्मी श्री हेमंत यादव सहित  कक्षा 6 वीं से काजल यादव, खुश्बू बरेठ, छाया यादव, शंकर लाल साहू, श्रुति चौहान, अजेन केंवट, आरती यादव, अंजली, काजल कंवर, शीतल केंवट, कविता कंवर, कुश कुमार यादव, कान्हा यादव, गांधीलाल केंवट, गौरव यादव, देवलाल कश्यप, दामिनी गाड़ा, निशा यादव, पूजा कंवर, प्रीति केंवट, पायल यादव, रूचि चौहान, रीना साहू, लव कुमार यादव, शिवा केंवट, संजना यादव, सागर कुमार साहू, सानिया यादव, सानिया साहू, साहिल कंवर, सोनिया यादव, हितेश यादव, हिमांशु साहू, कक्षा 7 वीं से सुमित कुमार साहू, संजय कुमार केंवट, अनिल कुमार यादव, अभय कुमार केंवट, आर्यन यादव, खितराज साहू, गीतांजली यादव, गोमती केंवट, दिव्या केंवट, दीपक कुमार केंवट, दीपक कश्यप, निशी यादव, प्रभा साहू, प्रशांत कश्यप, भीमा यादव, मंजू साहू, मंदीप कुमार केंवट, मनीष कुमार यादव, मनीषा केंवट, महारथी साहू, रजनी यादव, संजना यादव, संध्या चौहान, सूरज कुमार कंवर, हेमचरण साहू, कक्षा 8 वीं से मंजू यादव, महेन्द्र कुमार साहू, सागर कंवर, अंजली केंवट, अनुज कुमार साहू, अनिशा साहू, अभय चौहान, ऋषि कुमार साहू, कमल साहू, दीप्ति साहू, सानिया कंवर, कामिया कंवर, किशन कुमार यादव, चन्द्रेश कुमार साहू, छठ कुमारी साहू, ज्योति केंवट, ज्योति यादव, प्रभा यादव, पुष्पा साहू, भानू प्रताप यादव, मनमोहन साहू, ममता साहू, राकेश कुमार साहू, विजय कुमार यादव, विनय साहू, शरद कुमार यादव, संतोषी साहू, संदीप कुमार चौहान व सौम्या यादव उपस्थित रहे।
 









संविधान दिवस पर डिजिटल विद्यालय शास.पूर्व माध्य. शाला नवापारा (अमोदा) में डाक्यूमेंटरी फिल्म का प्रदर्शन ...


जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ ब्लाक अंतर्गत शास.पूर्व माध्य. शाला नवापारा (अमोदा) में 26 नवंबर 2021 शुक्रवार को संविधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान डा. भीमराव अम्बेडकर के छायाचित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। संविधान की उद्देशिका का वाचन किया गया साथ ही विद्यार्थियों को डिजिटल कक्ष में संविधान दिवस की महत्व को प्रदर्शित करती हुई डाक्यूमेंटरी फिल्म दिखाया गया। प्रधान पाठक श्री भानू प्रताप महाराणा ने बच्चों को संविधान दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि वर्ष 2015 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डा भीमराव अम्बेडकर की स्टैच्यू आफ इक्वेलिटि स्मारक की आधारशिला रखते हुये 26 नवंबर को संविधान दिवस के रुप में घोषित किया है। उक्त विचारधारा को बनाये रखने एवं संविधान की प्रस्तावना को पढा उत्सव का अभिन्ना अंग है। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान हमेशा देश की आत्मा है इसे अक्षुण्ण बनाये रखना हम सबका कर्तव्य है। नवाचारी शिक्षक श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि भारतीय संविधान नागरिकों के न्याय, स्वतंत्रता एवं समानता के साथ विश्व बंधुतत्व को उध्दृत करता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश का संविधान दुनिया में लंबे समय तक लिखित संविधान होने की प्रतिष्ठा रखता है। शिक्षक श्री कन्हैया लाल मरावी ने प्रस्तावना का सामूहिक वाचन करते हुये समस्त छात्राध्यापकों द्वारा संविधान की रक्षा एवं सम्मान का संकल्प दुहराया। इस अवसर पर प्रधान पाठक श्री भानू प्रताप महाराणा, श्री कन्हैया लाल श्री मरावी, राजेश कुमार सूर्यवंशी, सफाईकर्मी श्री हेमंत यादव सहित कक्षा 6 वीं से काजल यादव, खुश्बू बरेठ, छाया यादव, शंकर लाल साहू, श्रुति चौहान, अजेन केंवट, आरती यादव, अंजली, काजल कंवर, शीतल केंवट, कविता कंवर, कुश कुमार यादव, कान्हा यादव, गांधीलाल केंवट, गौरव यादव, देवलाल कश्यप, दामिनी गाड़ा, निशा यादव, पूजा कंवर, प्रीति केंवट, पायल यादव, रूचि चौहान, रीना साहू, लव कुमार यादव, शिवा केंवट, संजना यादव, सागर कुमार साहू, सानिया यादव, सानिया साहू, साहिल कंवर, सोनिया यादव, हितेश यादव, हिमांशु साहू, कक्षा 7 वीं से सुमित कुमार साहू, संजय कुमार केंवट, अनिल कुमार यादव, अभय कुमार केंवट, आर्यन यादव, खितराज साहू, गीतांजली यादव, गोमती केंवट, दिव्या केंवट, दीपक कुमार केंवट, दीपक कश्यप, निशी यादव, प्रभा साहू, प्रशांत कश्यप, भीमा यादव, मंजू साहू, मंदीप कुमार केंवट, मनीष कुमार यादव, मनीषा केंवट, महारथी साहू, रजनी यादव, संजना यादव, संध्या चौहान, सूरज कुमार कंवर, हेमचरण साहू, कक्षा 8 वीं से मंजू यादव, महेन्द्र कुमार साहू, सागर कंवर, अंजली केंवट, अनुज कुमार साहू, अनिशा साहू, अभय चौहान, ऋषि कुमार साहू, कमल साहू, दीप्ति साहू, सानिया कंवर, कामिया कंवर, किशन कुमार यादव, चन्द्रेश कुमार साहू, छठ कुमारी साहू, ज्योति केंवट, ज्योति यादव, प्रभा यादव, पुष्पा साहू, भानू प्रताप यादव, मनमोहन साहू, ममता साहू, राकेश कुमार साहू, विजय कुमार यादव, विनय साहू, शरद कुमार यादव, संतोषी साहू, संदीप कुमार चौहान व सौम्या यादव उपस्थित रहे।
                    












 

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डिजिटल स्कूल पहुंचकर बच्चों का किया स्वास्थ्य परीक्षण...


जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ ब्लाक के संकुल केन्द्र अमोदा अंतर्गत शास.पूर्व माध्य.शाला नवापारा (अमोदा) में आज 18 नवंबर गुरूवार 2021 को नवागढ़ स्वास्थ्य विभाग की टीम डी ने पहुंचकर राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम (चिरायु) अंतर्गत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान बच्चों की बारी-बारी से दृष्टिदोष, त्वचा संबंधी, दंत रोग, कान का संक्रमण, विटामिन ए की कमी और कुपोषण सहित अन्य बीमारियों की जांच की गयी। इस दौरान गंभीर किस्म के एक बालिका की जांच के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। यह संपूर्ण जांच व इलाज निःशुल्क किया गया। टीम प्रमुख श्रीमती देहुति साहू ने बताया कि शून्य से लेकर 18 बरस तक के बच्चों का उनके स्कूल में पहुंचकर संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण करना चिरायु कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ ने विद्यालय स्टाफ ने स्वास्थ्य जांच टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बाल्यकाल से ही बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण कर बीमारी की पहचान व इलाज सुनिश्चित करने की यह अच्छी योजना है। इस अवसर पर प्रधान पाठक श्री भानू प्रताप महाराणा, श्री कन्हैया लाल मरावी, नवाचारी शिक्षक श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी, कर्मचारी श्री हेमंत यादव सहित विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।









शाला प्रबंधन की बैठक में माताओं से घर में सकारात्मक माहौल बनाने की शिक्षकों ने की अपील...


जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ ब्लाक के संकुल केन्द्र अमोदा अंतर्गत शास.पूर्व माध्य.शाला नवापारा में दिनांक 29 अक्टूबर 2021 दिन शुक्रवार को शाला प्रबंधन समिति की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। प्रधान पाठक व शैक्षिक समन्वयक श्री भानूप्रताप महाराणा के मार्गदर्शन में आहूत बैठक में बड़ी संख्या में बच्चों के माताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में मध्यान्ह भोजन, पौधारोपण, कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए विद्यालय संचालन, गणवेश, जाति प्रमाण पत्र, शिक्षकों की कमी, सफाई कर्मी के त्यागपत्र देने के बाद नये सफाई कर्मी हेमंत यादव की नियुक्त करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदूओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा कर सहमति ली गयी। बैठक को संबोधित करते हुए एमएमसी सदस्य श्री सोनाराम केंवट ने कहा कि विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं के सर्वांगीण विकास में माताओं की अहम भूमिका है। शिक्षक श्री कन्हैया लाल मरावी ने कहा कि आप सब घर में बच्चों को पढ़ने लिखने के लिए प्रेरित करें, उन पर दबाव न डालें। नवाचारी शिक्षक श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी ने डिजिटल विद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए विद्यालय में चल रहे विभिन्न गतिविधियों, नवाचार, विद्यालय की उपलब्धि, गौरवपूर्ण कार्य के बारे में बताया। इसके बाद माताओं ने अपने विचार रखे। बच्चों की दिनचर्या, राष्ट्रीय उपलब्धि परीक्षण, लर्निंग आउटकम, मोबाइल पर दीक्षा ऐप डाउनलोड कर शिक्षण में सहयोग करने, स्वच्छता गतिविधियां, डिजिटल क्लास में आडियो विडियो के जरिये अध्ययन अध्यापन के लाभ, घर में बच्चों को विद्यालय की गतिविधियां व होमवर्क में सहयोग करने समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। पालकों ने विद्यालय की गतिविधियां व नवाचार की प्रशंसा की। उपस्थित माताओं को बच्चों की बेसलाइन टेस्ट की उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई गई। शिक्षकों ने उपस्थित सदस्यों से कहा कि अब दीपावली अवकाश नजदीक हैं, ऐसे में घर में पढ़ाई लिखाई के लिए सकारात्मक माहौल बनाकर रखें, साथ ही बच्चों के खान-पान पर ध्यान दें। बच्चों को दिनभर पढ़ने के लिए प्रेशर न डालें और ना ही अधिक अंक लाने का दबाव डालें। आहूत बैठक में श्रीमती सावित्री चौहान, श्री लखन लाल साहू, श्री सोनाराम केंवट, श्री रघुवीर केंवट, श्री अनंदराम साहू, श्रीमती सविता केंवट, श्रीमती कांतिबाई साहू, श्रीमती मालती बाई, श्रीमती रूपा चौहान, श्रीमती रामबाई साहू, श्रीमती संतोषी कंवर, श्रीमती बुटाना बाई, श्रीमती साधमती केंवट सहित महिला स्व सहायता समूह व शाला प्रबंधन समिति के सदस्यगण सहित पालकगण उपस्थित रहे।
             



समाचार पत्र - छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में बैठक की खबर


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डिजिटल स्कूल में दीक्षांत समारोह के साथ परीक्षाफल की घोषणा, बच्चों को बांटे गये अंकसूची...

नवागढ़ ब्लाक के शास.पूर्व माध्य.शाला नवापारा (अमोदा) में शिक्षा सत्र के अंतिम दिवस आज 29 अप्रैल शनिवार को प्रगति पत्रक वितरण सह दीक्षांत समार...