आपदा प्रबंधन के तहत मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा व व्यक्तिगत सुरक्षा पर मास्टर ट्रेनर्स का 5 दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला 19 से 23 फरवरी तक एस.सी.ई.आर.टी. रायपुर में संपन्न हुआ। शासकीय बी.एड. कालेज रायपुर में संपन्न हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में गैस सिलेण्डर फटने, आग लगने, सर्पदंश, कुत्ता काटने, मधुमक्खी काटने, पानी में डूबने, दुर्घटना में घायल हो जाने, जहर खुरानी आदि मामलों पर त्वरित बचाव के उपायों पर मॉकड्रिल कराया गया तथा उन्हे तत्काल रोकने के उपायों पर चर्चा की गयी। द्वितीय चरण के प्रशिक्षण में राज्य भर के सभी जिलों के विकासखण्डों से 163 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस संबंध में मास्टर ट्रेनर श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि दो चरणों में संपन्न हुए राज्य स्तरीय कार्यशाला में जांजगीर-चांपा व सक्ती जिले के नवागढ़ ब्लाक से श्री तरूण कुमार साहू एबीईओ, श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी, श्रीमती ममता डहरिया, जैजैपुर से श्री संदीप कुमार राठौर, सक्ती से श्री सुरेश कुमार श्रीवास, पामगढ़ से श्री राकेश कुमार सोनी एबीईओ, बलौदा एबीईओ श्री ललित कुमार जाटवर, मालखरौदा एबीईओ श्रीमती पुष्पा कोरी दिवाकर व श्री मनीष दुबे ने सहभागिता किया। अब विकासखण्ड स्तर पर 5 मार्च के पूर्व सभी संकुलों से दो-दो शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जायेगा जो अपने संकुल अंतर्गत सभी शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। संपूर्ण कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूलों में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकना व बचाव के उपाय करने पर आधारित है। प्रशिक्षण यूनीसेफ के राज्य टीम के द्वारा प्रदान की गयी। वही अर्पण फाउण्डेशन मुंबई की टीम ने बाल लैंगिक शोषण के बारिकियों पर प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव व एस.सी.ई.आर.टी. के डायरेक्टर श्री राजेश सिंह राणा, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के अतिरिक्त संचालक डा. योगेश शिवहरे, समग्र शिक्षा के राज्य अधिकारी डा. एम. सुधीश, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रशांत कुमार पाण्डेय, डा. विद्यावती चंद्राकर, प्रशिक्षण प्रभारी श्री सुनील मिश्रा ने संबोधित कर कार्यक्रम की सफलता के लिए टिप्स दिए। अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि स्कूलों में ऐसी संभावित दुर्घटनाएं जिन पर हमारा ध्यान नहीं जाता उन्हे रोकने तत्काल प्रभाव से उपाय किये जायेंगे साथ ही स्कूलों में आपदा प्रबंधन समिति का गठन भी किया जायेगा। प्रशिक्षण उपरांत स्कूलों में आपदा प्रबंधन के तहत संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बिना समय गवाये तत्काल प्राथमिक उपचार की व्यवस्था और बचाव के उपाय किये जायेंगे। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण के दौरान स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग भारत सरकार के संयुक्त सचिव मनीष गर्ग, संचालक लोक शिक्षण श्री सुनील जैन, यूनिसेफ के राज्य प्रमुख श्री जाब जकारिया ने भी प्रतिभागियों से चर्चा की। प्रशिक्षण में अर्पण फाउंडेशन की सोनाली माहेश्वरी, वंदना चौहान, आसिफ झा, विशाल वासवानी, डॉ श्रवण कुमार सिंह, डॉ श्याम कुमार ने प्रशिक्षण दिया।
आपदा प्रबंधन के राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल हुए जांजगीर-चांपा जिले के मास्टर ट्रेनर्स ...
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