सरकारी स्कूल का शैक्षणिक माहौल बेहतर बनाने विद्यार्थियों की माताओं को जोड़ने के उद्देश्य से आज 8 मार्च 2019 शुक्रवार विश्व महिला दिवस पर जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ ब्लाक के शास.पूर्व माध्य. शाला नवापारा अमोदा (डिजिटल विद्यालय) में मातृ सम्मेलन का आयोजन कर मोटिवेट कर अपील की गयी कि अपने बच्चों की बेहतरी के लिए विद्यालय से जुड़े तथा अपने बच्चों को घर में पढ़ने लिखने के लिए माहौल और समय दे। इस दौरान डिजिटल रूम में महिलाओं के सशक्तिकरण व उनकी उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए विडियों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमती कमलेश जांगड़े (सदस्य प्रदेश भाजपा कार्यसमिति महिला मोर्चा व अनुसूचित जाति मोर्चा छ.ग.) ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय नारी जिसे अबला कहा जाता रहा है, ने आज अपने कौशल एवं जज्बे से विश्वभर में अपनी एक अलग पहचान कायम की है, आज भारतीय नारी चूल्हे-चौके से बाहर आकर समाज एवं देश निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दे रही है। अपने जीवन को दांव पर लगाकर वंश चलाने वाली इस नारी को यदि हम भयमुक्त वातावरण देने और आत्मसम्मान के साथ खड़ा करने में सहयोगी बन सके, तो यह समाज के लिए गौरव की बात होगी। उन्होंने सभी माताओं का नारियल व बुके भेंटकर उनका सम्मान करते हुए कहा कि आप सभी अपने बच्चों की बेहतरी के लिए विद्यालय से जुड़े तथा अपने बच्चों को घर में पढ़ने लिखने के लिए माहौल और समय दे। कार्यक्रम के संयोजक राजेश कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि विद्यार्थी महज 6 घंटे विद्यालय में रहते है जबकि 18 घंटे वे घर परिवार में व्यतीत करते है ऐसे में बच्चों की बेहतर क्षमता संवर्धन में माताओं की सर्वाधिक महत्वूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि आप सभी माताएं समय-समय पर विद्यालय आये और हम सबका मार्गदर्शन करते रहे। इससे पूर्व सभी माताओें व अतिथियों का पुष्पाहार से स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा अर्चना के साथ हुआ, विद्यार्थियों ने स्वागत व प्रेरणा गीत हम होंगे कामयाब गाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रधान पाठक श्री कन्हैया लाल मरावी, सामाजिक कार्यकर्ता श्री उदय मधुकर, श्री योम प्रकाश लहरे, श्री बसंत जांगड़े, श्री साधराम यादव सहित विद्यार्थी पूजा यादव, दुर्गा कर्ष व नागेश्वरी साहू महिला दिवस के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए रूढ़ीवादी मान्यताओं को तोड़ते हुए विद्यालयीन गतिविधियों में सक्रिय योगदान देने की बात कही। कार्यक्रम में एसएमसी अध्यक्ष श्रीमती सावित्री बाई चौहान, महिला स्व सहायता समूह अध्यक्ष कुमारी बेदबाई साहू, श्रीमती सुमित्रा बाई यादव, श्रीमती बूटानाबाई, श्रीमती नीता बाई, श्रीमती रामबाई साहू, श्रीमती कांतिबाई साहू, श्रीमती अनिता बाई यादव, श्रीमती मालती बाई साहू, श्रीमती लीला बाई साहू, श्रीमती पुष्पा बाई यादव, श्रीमती महेतरीन बाई साहू, श्रीमती बिमला बाई यादव, श्रीमती सरस्वती बाई कंवर, श्रीमती तेरसबाई बरेठ, श्रीमती दीपक बाई सहित ग्राम नवापारा व केवा की महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रही।
विश्व महिला दिवस पर कुमारी दुर्गा कर्ष कक्षा 8 वीं के स्पीच...
आज 8 मार्च विश्व महिला दिवस पर मैं कुमारी दुर्गा कर्ष आप सभी अतिथियों का अपने विद्यालय में हार्दिक स्वागत करती हूं। हम सब जानते है कि माताओं का भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान को बहुत महत्व दिया गया है। संस्कृत में एक श्लोक है- ’यस्य पूज्यंते नार्यस्तु तत्र रमन्ते देवताः। अर्थात्, जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। हम सबको इस परंपरा को बनाये रखना है। भारतीय संस्कृति को बनाए रखते हुए नारी का सम्मान कैसे किया जाए, इस पर विचार करना आवश्यक है। मां अर्थात माता के रूप में नारी, धरती पर अपने सबसे पवित्रतम रूप में है। माता यानी जननी। मां को ईश्वर से भी बढ़कर माना गया है, क्योंकि ईश्वर की जन्मदात्री भी नारी ही रही है। जन्म देने वाली माता के रूप में नारी का सम्मान अनिवार्य रूप से होना चाहिए, जो वर्तमान में कम हो गया है। आप सभी को विश्व महिला दिवस की हार्दिक बधाई प्रेषित करते हुए अंत में मैं इस पंक्ति के साथ अपनी बात समाप्त करूंगी कि-
नारी तुम केवल श्रध्दा हो, विश्वास रजत नग पद तल में ..
पीयूष स्रोत सी बहा करों, जीवन के सुंदर समतल में ..
विश्व महिला दिवस पर कुमारी पूजा यादव कक्षा 7 वीं के स्पीच...
सभी को चरण स्पर्श करते हुए मैं कुमारी पूजा यादव आप विश्व महिला दिवस के अवसर पर अपनी बात रखना चाहूंगी। भारतीय संस्कृति में नारी को माता के पद पर प्रतिष्ठित किया गया है नारी को देवी मानकर उसकी पूजा की जाती है प्राचीन इतिहास पर गौर करें तो पता चलता है कि कैकेयी जो रणभूमि में पति की सारथी बनी, गांधारी जिन्होंने अंधे पति के लिए जीवन पर्यंत आँखों पर पट्टी बाँध ली, सीता जिन्होंने पति के साथ स्वेच्छा से वन गमन किया या फिर शास्त्रार्थ के लिए पुरुषों को ललकारने वाली गार्गी मैत्रेयी आदि आदर्श चरित्र नारियों का प्रंसग उल्लेखनीय हैं। नारी के प्रति ऐसी उदात्त अवधारणा समभवतः कही और देखने को नहीं मिलती है। आधुनिक काल में झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने रणभूमि में अग्रेजों को, महादेवी वर्मा और सुभद्रा कुमारी चौहान ने श्रेष्ठ साहित्य का सृजन करके, इंदिरा प्रियदर्शिनी ने देश को कुशल नेतृत्व प्रदान करके, प्रथम आइपीएस अधिकारी किरण वेदी कठोर प्रशासकीय दायित्वों का सकुशल निर्वहण करके, मदर टरेसा ने अनाथों को गले लगाकर और कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स ने आकाश की ऊचाईयों को छूकर नारी दृ सामर्थ का अभिनव परिचय प्रस्तुत किया है। हम सबको इन पर गर्व है। आप सभी को इस अवसर पर बधाई प्रेषित करते हुए मैं अपनी बात समाप्त करती हूं। जय हिंद जय भारत ..
विश्व महिला दिवस पर कुमारी नागेश्वरी साहू कक्षा 6 वीं के स्पीच...
मैं कुमारी नागेश्वरी साहू आप सभी का अपने डिजिटल विद्यालय परिवार में हार्दिक अभिनंदन करती हूं, आज हम विश्व महिला दिवस मनाने के लिए यहां पर एकत्रित हुए है, हर साल 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का महत्व साल दर साल बढ़ रहा है और यह महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा, प्रेम और आदर दर्शाने का अवसर है। आप सबको यह जानकर बहुत खुशी होगी कि हमारे विद्यालय में यह आयोजन प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है। हम सबको महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव रखना चाहिए। मुझे इस कार्यक्रम में बोलने का मौका दिया गया है और मैं बहुत प्रसन्न हूं क्योंकि यह मेरे लिए उन सभी माताओं का शुक्रिया अदा करने का एक अवसर है जिन्होंने मेरे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शायद मैंने इन महिलाओं को ’अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ पर कभी धन्यवाद नहीं कहा लेकिन मेरे हृदय की गहराई से मैं हमेशा उनको मेरे जीवन में मेरा साथ देने और मुश्किलों से बचाने के लिए उनका धन्यवाद करती हूं ...

















बेहतरीन आयोजन । नारी शक्ति को नमन । विद्यालय के बच्चो की उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाये ।
ReplyDeleteBest of luck
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