क्रियात्मक अनुसंधान के बाद विद्यालय का भौतिक वातावरण में रौनकता आ गयी है। यही नहीं बच्चों में भी विद्यालयीन परिवेश को स्वच्छ रखने में रूचि देखी जा रही है। इस संबंध में अनुसंधानकर्ता शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि केन्द्र प्रवर्तित योजना अंतर्गत शिक्षा सत्र 2015-16 में मेरे द्वारा डाइट जांजगीर के प्राचार्य के.एस. तोमर, सहा. प्राध्यापक यू.के. रस्तोगी, व्याख्याता सुशील कुमार राठौर व प्रद्युम्न कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा (अमोदा), संकुल केन्द्र अमोदा, विकासखण्ड नवागढ़, जिला-जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ में विद्यार्थियों में विद्यालयीन परिवेश को स्वच्छ रखने की आदतों का विकास करना विषय पर क्रियात्मक अनुसंधान किया गया है। इस हेतु कुल 85 में से 50 विद्यार्थियों का चयन किया गया था जहां पूर्व परीक्षण में ए ग्रेड प्राप्त विद्यार्थियों की तादात 0 प्रतिशत थी जो मध्य परीक्षण में बढ़कर 27 तथा अंतिम परीक्षण में 94 प्रतिशत पर पहुंच गयी। इस हेतु कुल 49 दिनों की कार्ययोजना बनायी गयी थी। शिक्षक पंचायत श्री सूर्यवंशी ने बताया कि क्रियात्मक अनुसंधान एक ऐसा अनुसंधान है जिससे शिक्षा के क्षेत्र में लागू करके हम कई समस्याओं का बेहतर ढंग से निदान कर सकते है। शिक्षा सत्र 2015-16 जिसे डा.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। ऐसे समय में मेरे द्वारा क्रियात्मक अनुसंधान कर विद्यालय की कुछ नकारात्मक व्यवहारों को दूर किया गया है जिससे अब विद्यालय का वातावरण और भी स्वच्छ व अनुशासित प्रतीत होता है। विद्यालयीन परिवेश को स्वच्छ रखने से विद्यार्थी का न केवल चित्त स्वस्थ्य होता है अपितु वह एक स्वस्थ्य राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते है। अतः हर शिक्षक को अपने विद्यार्थियों में ऐसी आदतों का विकास करना चाहिए जिससे कि वे विद्यालय के परिवेश को स्वच्छ रख सके और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर सके। इस शोध कार्य को संपन्न कराने में बी. एक्का बीईओ नवागढ़, श्रीमती रिषीकांता राठौर बीआरसी नवागढ़, सोनाराम साहू सरपंच ग्राम पंचायत नवापारा (अमोदा), कौशल प्रसाद साहू अध्यक्ष शाला प्रबंधन व विकास समिति, कन्हैया लाल मरावी प्र. प्रधान पाठक, हीरालाल कर्ष उ.व.शि., संतोष कुमार श्रीवास उ.व.शि. व सफाई कर्मचारी साधराम यादव का बेहतर सहयोग प्राप्त हुआ है।
क्रियात्मक अनुसंधान 2016 से विद्यालय का माहौल बना रोचक
क्रियात्मक अनुसंधान के बाद विद्यालय का भौतिक वातावरण में रौनकता आ गयी है। यही नहीं बच्चों में भी विद्यालयीन परिवेश को स्वच्छ रखने में रूचि देखी जा रही है। इस संबंध में अनुसंधानकर्ता शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि केन्द्र प्रवर्तित योजना अंतर्गत शिक्षा सत्र 2015-16 में मेरे द्वारा डाइट जांजगीर के प्राचार्य के.एस. तोमर, सहा. प्राध्यापक यू.के. रस्तोगी, व्याख्याता सुशील कुमार राठौर व प्रद्युम्न कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा (अमोदा), संकुल केन्द्र अमोदा, विकासखण्ड नवागढ़, जिला-जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ में विद्यार्थियों में विद्यालयीन परिवेश को स्वच्छ रखने की आदतों का विकास करना विषय पर क्रियात्मक अनुसंधान किया गया है। इस हेतु कुल 85 में से 50 विद्यार्थियों का चयन किया गया था जहां पूर्व परीक्षण में ए ग्रेड प्राप्त विद्यार्थियों की तादात 0 प्रतिशत थी जो मध्य परीक्षण में बढ़कर 27 तथा अंतिम परीक्षण में 94 प्रतिशत पर पहुंच गयी। इस हेतु कुल 49 दिनों की कार्ययोजना बनायी गयी थी। शिक्षक पंचायत श्री सूर्यवंशी ने बताया कि क्रियात्मक अनुसंधान एक ऐसा अनुसंधान है जिससे शिक्षा के क्षेत्र में लागू करके हम कई समस्याओं का बेहतर ढंग से निदान कर सकते है। शिक्षा सत्र 2015-16 जिसे डा.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। ऐसे समय में मेरे द्वारा क्रियात्मक अनुसंधान कर विद्यालय की कुछ नकारात्मक व्यवहारों को दूर किया गया है जिससे अब विद्यालय का वातावरण और भी स्वच्छ व अनुशासित प्रतीत होता है। विद्यालयीन परिवेश को स्वच्छ रखने से विद्यार्थी का न केवल चित्त स्वस्थ्य होता है अपितु वह एक स्वस्थ्य राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते है। अतः हर शिक्षक को अपने विद्यार्थियों में ऐसी आदतों का विकास करना चाहिए जिससे कि वे विद्यालय के परिवेश को स्वच्छ रख सके और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर सके। इस शोध कार्य को संपन्न कराने में बी. एक्का बीईओ नवागढ़, श्रीमती रिषीकांता राठौर बीआरसी नवागढ़, सोनाराम साहू सरपंच ग्राम पंचायत नवापारा (अमोदा), कौशल प्रसाद साहू अध्यक्ष शाला प्रबंधन व विकास समिति, कन्हैया लाल मरावी प्र. प्रधान पाठक, हीरालाल कर्ष उ.व.शि., संतोष कुमार श्रीवास उ.व.शि. व सफाई कर्मचारी साधराम यादव का बेहतर सहयोग प्राप्त हुआ है।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
डिजिटल स्कूल में दीक्षांत समारोह के साथ परीक्षाफल की घोषणा, बच्चों को बांटे गये अंकसूची...
नवागढ़ ब्लाक के शास.पूर्व माध्य.शाला नवापारा (अमोदा) में शिक्षा सत्र के अंतिम दिवस आज 29 अप्रैल शनिवार को प्रगति पत्रक वितरण सह दीक्षांत समार...
-
शा सकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा (अमोदा) विकासखण्ड-नवागढ़ जिला-जांजगीर-चांपा छ.ग. में शिक्षा सत्र 2018-19 में कक्षा आठवीं के छात्र-छात...
-
वि श्व जल दिवस 22 मार्च 2019 पर जल व पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नवागढ़ ब्लाक के शास.पूर्व मा.शाला नवापारा (अमोदा) से जागरूकता रै...
-
नवागढ़ विकासखण्ड अंतर्गत संकुल केन्द्र धनेली में संकुल केन्द्र धुरकोट, खोखरा व धनेली अंतर्गत आने वाले शास. प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्...
क्रियात्मक अनुसंधान बढ़िया है इससे अन्य विद्यालयों के शिक्षकों को प्रेरणा लेनी चाहिए
ReplyDelete