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निखार से निखरेंगे नवागढ़ ब्लाक के 147 सरकारी स्कूल के विद्यार्थी, शिक्षक प्रशिक्षण हुआ संपन्न..












छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा आठवी एवं कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को कक्षानुरूप लाने के लिए इस सत्र निखार कार्यक्रम लागू किया गया है। समग्र शिक्षा और ट्रांसफार्म ईनिसेटिव की मदद से निखार कार्यक्रम जांजगीर-चांपा जिले में लागू की गयी है। बीईओ नवागढ़ श्री आर.एल. जायसवाल, बीआरसीसी श्रीमती रिषीकांता राठौर, एबीईओ श्री राजीव नयन शर्मा, श्री संजय देवांगन व श्री दिनेश राठौर के मार्गदर्शन में मास्टर ट्रेनर्स विज्ञान विषय में श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी, श्री चक्रपाल तिवारी, श्री शरद राठौर, श्री मनिन्द्र पाण्डेय, गणित विषय में श्री सत्यप्रकाश तिवारी, श्री ललित मोहन जायसवाल़, श्री शिवशंकर धीवर, श्री ईश्वर प्रसाद प्रधान, श्री रामकुमार चंद्रा



, श्री महेन्द्र कुर्रे, हिंदी विषय में श्रीमती जयंती दुबे, श्री ललित नारायण उपाध्याय, श्री अनुराग तिवारी, श्री तुलाराम कश्यप, श्री जीआर कर्ष, श्री खुशराम खुंटे, अंग्रेजी विषय में श्री अश्वनी राठौर, श्री रूपेश राठौर व श्रीमती गीता लहरे के द्वारा नवागढ़ ब्लाक के सभी 18 संकुल केन्द्रों अमोदा, अवरीद, धनेली, धुरकोट, गौशाला नैला, गोधना, कटौद, किरीत, खोखरा, केरा, मिसदा, नवागढ़, सदर जांजगीर, सलखन, सेमरा, शिवरीनारायण, सिउड़ व सिवनी संकुल अंतर्गत कुल 147 सरकारी विद्यालय जिसमें मिडिल, हाई व हायर सेकेण्डरी स्कूल शामिल है, के करीब 500 शिक्षक-शिक्षिकाओं को 27 से 29 जून 2019 तक प्रातः 10 से शाम 5 बजे तक गहन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से गणित, विज्ञान, हिन्दी व अंग्रेजी जैसे विषयों को रोचक ढंग से पढ़ाने के गुर सिखाए गये।



गौरतलब हो कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की दक्षता को निखारने के लिए निखार कार्यक्रम इस सत्र में लागू किया गया है इसके लिए 69 दिवस या 200 घंटे का समय तय किया गया है। छ.ग. राज्य के केवल 10 जिलों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयन किया गया है जिसमें जांजगीर-चांपा जिला भी शामिल है। प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए बीईओ श्री राधेलाल जायसवाल ने कहा कि निखार कार्यक्रम के उद्देश्य को अंतिम हर बच्चे तक पहुंचाना है और बच्चों के सर्वागीण विकास में योगदान देना है। बीआरसीसी श्रीमती रिषीकांता राठौर ने कहा कि कक्षा 8 वीं व 9 वीं के बच्चों के लिए यह कार्यक्रम लागू किया जा रहा है अतः इसके विभिन्न चरणों को बारीकि से समझकर इसे अपने अपने विद्यालयों में कार्ययोजना व निर्धारित समयानुसार पूरा करना है। एबीईओ श्री राजीव नयन शर्मा ने प्रशिक्षण के संबंध में विस्तार से बताते हुए कहा कि बेसलाईन सर्वे के लिए 5 दिन, फाउंडेशन कैम्प 18 दिन, सहयोगात्मक शिक्षण 45 दिन, समापन कैम्प छह दिन व अंतिम मूल्यांकन के लिए 10 दिन समय रखा गया है। प्रशिक्षण से संबंधित संदर्शिका, डायरी पेन सभी शिक्षकों को उपलब्ध कराया गया है, प्रशिक्षण में भोजन व चाय की बेहतर ढंग से व्यवस्था सीएसी जनाब मुबारक खान, श्री गिरधर निराला व श्री लोमेश श्रीवास के नेतृत्व में की गयी थी। वरिष्ठ मास्टर ट्रेनर श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि निखार कार्यक्रम के अंतर्गत नियमित कक्षाओं में 69 दिनों के भीतर 200 घंटे की कक्षाएं आयोजित की जाएगी। इसमें 18 दिन का फाउंडेशन पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। फाउंडेशन पाठ्यर्क्रम के अंतर्गत प्रतिदिन एक-एक घंटे हिन्दी, अंग्रेजी, गणित एवं विज्ञान की कक्षाएं लगेंगी। 72 घंटो के अध्यापन मे बेहतर स्तर के बच्चे अपने से कम स्तर से बच्चों के साथ मिलकर सभी बच्चों की मूलभूत दक्षताओं में सुधार करेंगे। इसके बाद 45 दिनों का सहयोगात्मक अधिगम होगा, जिसमें प्रतिदिन 45-45 मिनट की अंग्रेजी, गणित और विज्ञान की कक्षाएं होगी। करीब 100 घंटे की पढ़ाई मे विषयों में महत्वपूर्ण लनिर्ग आउटकम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अंतिम चरण में अंग्रेजी, गणित एवं विज्ञान विषयों के लिए छह दिनों का समापन कैम्प लगेगा और अंत मे बच्चां की योग्यता का आंकलन करने के लिए एंड लाइन टेस्ट से सुधार की स्थिति ली जाएगी। राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता मे सुधार लाने और छात्र-छात्राओं की मानसिक स्थिति को समझते हुए उस कक्षा के अनुरूप ढालने के लिए निखार योजना बनाई है।
                                     



इंस्पायर अवार्ड पंजीयन के लिए शिक्षकों को मिला मार्गदर्शन

प्रशिक्षण के दौरान विज्ञान के शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर राजेश कुमार सूर्यवंशी ने प्रोजेक्टर पर इंस्पायर अवार्ड योजना की पूरी जानकारी बताते हुए बच्चों का पंजीयन कराने की अपील की गयी। एम.टी. श्री सूर्यवंशी ने बताया कि भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्ली के इंस्पायर अवार्ड मानक 2019-20 के लिए आनलाइन नामिनेशन प्रारंभ हो गया है। नामिनेशन की अंतिम तारीख 30 जुलाई है जिसमें सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 वीं से 10 वीं तक में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों जिनकी आयु 10 से 15 वर्ष के बीच है, उनके आइडिया या सुझाव का पंजीयन किया जाना है। पंजीयन के साथ माडल का आइडिया भी बताना होगा। विद्यार्थियों को अपना पूरा नाम, पता, आधार नंबर, बैंक खाता नंबर और आइएफसी कोड का भी उल्लेख करना होगा। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को क्यू.आर. कोड के उपयोगिता के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए उस पर प्रायोगिक कार्य कराया गया। योजना को सफल बनाने एक वाट्सएप ग्रुप का निर्माण भी किया गया है।

                                     


                                                          यह रही तीन दिवसीय प्रशिक्षण की मुख्य बातें

तीन दिवसीय प्रशिक्षण में निखार माडल के क्रियान्वयन की समय सारिणी की समझ, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर के आंकलन की समझ, शिक्षण योजना बनाने तथा शिक्षक मार्गदर्शिका तथा विद्यार्थियों की अभ्यास पुस्तिका पर विस्तार पूर्वक चर्चा हुई। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस 27 जून गुरूवार को प्रतिभागियों का पंजीकरण व परिचय सत्र, कार्यक्रम के उद्देश्य, लक्ष्य व विभिन्न चरण, कक्षा 8 वीं व 9 वीं की दक्षताओं का फ्रेमवर्क, गुणवत्ता मानक, मानिटरिंग व आंकलन, प्रभावी शिक्षण व सीखने के माहौल पर विस्तार पूर्वक चर्चा व प्रस्तुतीकरण की गयी। द्वितीय दिवस 28 जून शुक्रवार को निखार कार्यक्रम के क्रियान्वयन में शिक्षक की भूमिका, फीडबैक प्रस्तुती, निखार अधिगम संसाधनों पर चर्चा, फाउण्डेशन कैम्प शिक्षण योजना तथा पाठ योजना पर समूह में प्रस्तुतीकरण किया गया तो वही तृतीय व अंतिम दिवस 29 जून शनिवार को प्रभावी शिक्षण व सीखने के माहौल पर पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण दी गयी। अंतिम दिवस सभी शिक्षकों से इस योजना को सफल बनाने के लिए मोटिवेट किया गया और फोटो सेशन के साथ देर शाम को प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया।
                             



                                          प्रशिक्षण को सफल बनाने में इनका रहा सराहनीय योगदान
बहुत व्यापक व बड़े स्तर पर एक साथ चार विषयों में आठ कक्षों में संपन्न हुए प्रशिक्षण में व्यवस्था बनाने संकुल केन्द्र सिउड से जनाब मुबारक खान, अमोदा से श्री अनिल पाण्डेय, अवरीद से श्री दिनेश शुक्ला, धनेली से श्री पुरूषोत्तम साहू, धुरकोट से श्री जीआर कर्ष, गौशाला नैला से श्री अनिल शर्मा, गोधना से श्री रामकिशोर साहू, कटौद श्री सुरित राम कश्यप, किरीत श्री रविकांत साव, खोखरा से श्री टीकम थवाईत, केरा श्री गुरूबचन सिंह जाटवर, मिसदा श्री लोमेश श्रीवास, नवागढ़ श्री गिरधर निराला, सदर जांजगीर से श्री विनोद पाण्डेय, सलखन श्री उत्तरा कुमार आजाद, सेमरा से श्री बलराम जलतारे, शिवरीनारायण श्री लक्ष्मीनारायण देवांगन, सिउड से जनाब मुबारक खान व सिवनी संकुल से श्री हरनारायण कुर्रे, श्री रामकृष्ण कटकवार, इकबाल खान, श्री भूपेश सिंह, श्री योगेश चौहान, सहित बीईओ व बीआरसीसी कार्यालय के समस्त स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। 







 प्रशिक्षण सत्र के कुछ लम्हों को कैमरे में कैद करने का प्रयास किया गया है जो मुझे इमोशनली टच करते है और बेहतर करने के लिए ऐसे सारे छायाचित्रों को अपने ब्लाग में लेने का प्रयास किया हूं आपको पोस्ट कैसा लगा मुझे कमेंट करके जरूर बताये ताकि मैं और भी बेहतर लिखने के लिए प्रेरित हो सकू ..

शिक्षा सत्र 2018-19 में आठवीं के विद्यार्थियों को आज दी गई भावभीनी विदाई

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा (अमोदा) विकासखण्ड-नवागढ़ जिला-जांजगीर-चांपा छ.ग. में शिक्षा सत्र 2018-19 में कक्षा आठवीं के छात्र-छात्राओं को आज 28 मार्च 2019 गुरूवार को विदाई दी गई। इस दौरान कक्षा 6 वीं व 7 वीं के विद्यार्थियों ने आठवीं के छात्र-छात्राओं को विदाई दी साथ ही स्मृति चिन्ह भी प्रदान किया।
कक्षा 8 वीं के कुल 17 विद्यार्थियों दुर्गा कर्ष, हिमानी यादव, संध्या यादव, नंद कुमार यादव, संध्यारानी यादव, लक्ष्मीसागर केंवट, डिकेश कुमार साह, राकेश कुमार साहू, कृष्ण कुमार साहू, लक्ष्मीन केंवट, ममता केंवट, आयुष कुमार यादव, रूपेश यादव व राहूल साहू को कलम व गुलदस्ता भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा अर्चना, सरस्वती वंदना व प्रेरणा गीत के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अपने संबोधन में विद्यालय के खट्टे मीठे अनुभवों को सांझा किये और आजीवन एक दूसरे से जुड़े रहने का वायदा किये। समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान पाठक श्री कन्हैया लाल मरावी ने अपने विद्यार्थियों को सदा क्रियाशील रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि सदैव एक दूसरे के संपर्क में रहे जीवन में खूब तरक्की करें। डिजिटल क्लासरूम के संचालक नवाचारी शिक्षक श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए परीक्षा से पूर्व बचे हुए समय में लगन से अध्ययन करते हुए सफलता प्राप्त कर विद्यालय, माता-पिता सहित नगर का नाम गौरवान्वित करने की बात कही। उच्च वर्ग शिक्षक श्री हीरालाल कर्ष ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए विद्यार्थियों के उज्जवल्य भविष्य की कामना की और निरंतर अध्यापन करने की बात कही। श्री संतोष कुमार श्रीवास ने कहा कि विद्यालय में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, शिक्षक का कार्य मात्र कक्षा में शिक्षण करने पर ही समाप्त नहीं हो जाता, बल्कि छात्र-छात्राओं का चहुंमुखी विकास करना व समय-समय पर उचित मार्गदर्शन देना भी है। विदाई कार्यक्रम को शाला प्रबंधन अध्यक्ष श्रीमती सावित्री चोहान ने संबोधित करते हुए कहा कि शासकीय शाला में इस तरह के सेवाभावी शिक्षकों का होना गांव के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उत्कृष्ट विद्यालय के साल भर के शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना की। विदाई समारोह का समापन स्वल्पाहार, फोटो सेशन व आभार प्रदर्शन के साथ किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कर्मचारी श्री साधराम यादव, कक्षा 7 वीं के विद्यार्थियों भुवनेश्वरी साहू, नागेश्वरी साहू, पूजा यादव, रूद्रानी चैहान, शनि साहू, परमजीत केंवट, प्रदीप चैहान, जयप्रकाश साहू, विशेष्वरी केंवट, रोशनी चोहान, मानसी यादव, पूजा कंवर, नीलिमा यादव, गरिमा यादव, करन बरेठ, विजय बरेठ, रोशन यादव, अजय यादव, अंकुर यादव, उमा केंवट, अभिषेक केंवट, गणेशराम केंवट, किरन कंवर, नंदनी कंवर, प्रीति साहू, शुभम कंवर, साहिल यादव, आकाश रावत, राज यादव, शंकर, प्रियंका केंवट तथा कक्षा 6 वीं के विद्यार्थियों अंजली साहू, हेमलता केंवट, जय कुमार केंवट, खुशी यादव, लक्ष्मीन यादव, मंगली केंवट, राजकुमार केंवट, सुखसागर साहू, सूरज साहू, सविता साहू, शंकर लाल साहू, उमेन्द्र यादव, विजय साहू, देवेश यादव, करन कंवर, राकेश कंवर, सुमित कर्ष, शिवानी कंवर, सोनिया कंवर, सरोजनी साहू, दीपक साहू, रविकांत केंवट, कृतिका केंवट, प्रभा यादव, नंदनी साहू, प्रियांशु यादव, आरती यादव सहित महिला स्व सहायता समूह व समुदाय के लोगों का सराहनीय योगदान रहा..











विश्व जल दिवस पर विद्यालय से निकली जागरूकता रैली, नदी तट पर लगी चोपाल


विश्व जल दिवस 22 मार्च 2019 पर जल व पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नवागढ़ ब्लाक के शास.पूर्व मा.शाला नवापारा (अमोदा) से जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जागरूकता रैली विद्यालय से निकलकर गांव का भ्रमण करते हुए हसदेव नदी तट पर पहुंची जहां समुदाय के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के डिजिटल रूम में जल संरक्षण पर आधारित विडियो का प्रदर्शन कर समुदाय व विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। विश्व जल दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के मध्य जल संरक्षण पर भाषण, स्लोगन व चित्रकारी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर सहभागिता निभाया।
गौरतलब हो कि जल व पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध शैक्षणिक नवाचारी गतिविधियों का केन्द्र के रूप में चिन्हांकित शास. पूर्व माध्य. शाला नवापारा (अमोदा) में प्रतिवर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस का आयोजन कर जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता का प्रयास किया जाता है। इस वर्ष का थीम है- लिविंग नो वन बिहाइण्ड अर्थात किसी को पीछे नहीं छोड़ना। इसी थीम को लेकर आज 22 मार्च शुक्रवार को विद्यालय परिसर से प्रातः 9 बजे जागरूकता रैली निकली जहां समुदाय के लोग हाथ में झाडू, फावड़ा रखे हुए थे तो वही छात्र-छात्राओं ने- ”जल है कुदरत का वरदान, मानव करों इसका सम्मान। पानी से ही है खुशहाली, पानी के बिना होगी बदहाली। वृक्ष लगाइए, जल बचाइए। जल बिना, जग है सूना। वृक्षों का रोपण, जल संकट का समापन। जल है तो कल है, जल ही जीवन है। पानी की समस्या है विकराल, जल बचाव की बने मिशाल। परंपरागत जल संरक्षण की तकनीकें अपनाइए” जैसे स्लोगन वाली तख्तियां हाथों में थामे हुए थे। जागरूकता रैली गांव के भीतर से होते हुए निकली जहां विद्यार्थी जल संरक्षण के नारों को दोहराते हुए लोगों को पेयजल स्त्रोत स्थल यथा कुआ, तालाब, हैण्डपंप के आसपास को सदैव स्वच्छ रखने की अपील करते हुए साथ चलने का आह्वान करते हुए चलते रहे और समुदाय के लोग जागरूकता रैली का हिस्सा बनते गये। रैली हसदेव नदी के तहट पर पहुंचकर समाप्त हुई जहां नदी तट पर सफाई अभियान चलाया गया जिसके बाद नदी के जल के भीतर सभी ने प्रवेश किये और कार्यक्रम के संयोजक राजेश कुमार सूर्यवंशी ने सभी को शपथ दिलाते हुए कहा कि जल संरक्षण करेंगे एवं जल को व्यर्थ होने से रोकने के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे। देश के जिम्मेदार नागरिक होने के कारण हम सबका दायित्व बनता है कि जल संरक्षण के लिए एक साथ आगे आये। हम सबका छोटा प्रयास बड़े परिणाम दे सकता है। अपने प्रतिदिन की गतिविधियों में कुछ बदलाव लाकर हम पानी की समस्या से निपट सकते है। कार्यक्रम के संयोजक राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि वर्ष 1993 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने विश्व जल दिवस मनाने की पहल की थी जिसके बाद 22 मार्च को यह आयोजन किया जाने लगा। आयोजन का उद्देश्य विश्व के सभी विकसित देशों में स्वच्छ एवं सुरक्षित जल की उपलब्धता सुनिश्चित करवाना है साथ ही यह जल संरक्षण के महत्व पर भी ध्यान केंद्रित करता है।
                     हसदेव नदी तट पर लगी चोपाल, जल संरक्षण के उपायों पर हुई चर्चा
जागरूकता रैली के बाद हसदेव नदी किनारे चैपाल लगी जहां सभी ने अपने अनुभव शेयर किये। कार्यक्रम में अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन से पहुंचे नीरज राणा ने जल के महत्व को बताते कहा कि हम सभी को जल संरक्षित करना होगा। साथ ही दूसरों को प्रेरित करना होगा, ताकि हम भविष्य के लिए जल संकट से बच सकें। उन्होंने बैंगलूर जैसे महानगर में पानी की समस्या को लेकर अपने अनुभव शेयर किये। अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन शिवरीनारायण से पहुंचे विवेक लोधी ने पानी, मिट्टी और पौधों को लेकर अपने व्यवहारिक अनुभव बताये। उन्होंने कहा कि पीने के लिए उतना ही पानी ले जितना पी सके और बचे पानी को फेकने के बजाय पक्षियों के लिए बर्तन में रखे। शिक्षक सरकार सिंह लहरे ने अपने संबोधन में कहा कि ये तो आप लोग अच्छे से जानते हैं कि जल हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है। जल के बिना जीवन संभव नहीं है। यदि हम जल का सही उपयोग करें तो आने वाले समय में हमें जल की कमी नहीं होगी। हमें जल के प्रदूषण को भी रोकना होगा। प्राथ.शाला अकलतरी से पहुंचे शिक्षक राजेन्द्र यादव ने कहा कि आज विश्व जल दिवस मनाने की आवश्यकता महसूस हो रही है। इसका कारण कहीं न कहीं जल के महत्व की समझ में कमी होना भी है। यदि हमें वास्तव में जल के महत्व की समझ होती तो हम जल का दुरुपयोग नहीं करते। शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्रीमती सावित्री बाई चैहान ने नदी, कुआ व तालाब में जल पानी को संरक्षित रखने तथा जितना जरूरत उतना पानी के उपयोग को व्यवहार में लाने की अपील की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान पाठक कन्हैया लाल मरावी ने कहा कि घटता हुआ भूजल स्तर और वर्षा की मात्रा में निरंतर होने वाली कमी आज विश्व की सबसे बड़ी समस्या है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए राजेश कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि नदियों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखना आज सबसे बड़ी चुनौती है। विद्यार्थियों को प्रकृति का अमूल्य उपहार जल का महत्व समझाने हेतु यह आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जाता है। छात्राओं की ओर से दुर्गा, नागेश्वरी, पूजा, हेमलता, मानसी ने अपने विचार रखते हुए जल संरक्षण के उपायों पर प्रकाश डाला। इसके बाद विद्यालय के डिजिटल रूम में समुदाय, विद्यार्थियों व अतिथियों ने जल संरक्षण पर आधारित प्रेरणादायी विडियों देखी जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों में पेयजल की विकट समस्या को दर्शाया गया साथ ही समाधान के उपाय भी सुझाये गये। संपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने में शाला प्रबंधन अध्यक्ष श्रीमती सावित्री बाई चैहान, श्रीमती सुमित्रा यादव, श्रीमती कांति बाई साहू, श्रीमती रामबाई साहू, प्रधान पाठक श्री कन्हैया लाल मरावी, श्री साधराम यादव आदि का सराहनीय योगदान रहा।
                                            https://youtu.be/BRjHBYK_y_g
कार्यक्रम का IBC24 न्यूज चैनल में 22 मार्च 2019 की रात 10 बजे हुआ प्रसारण






















 


डिजिटल स्कूल में दीक्षांत समारोह के साथ परीक्षाफल की घोषणा, बच्चों को बांटे गये अंकसूची...

नवागढ़ ब्लाक के शास.पूर्व माध्य.शाला नवापारा (अमोदा) में शिक्षा सत्र के अंतिम दिवस आज 29 अप्रैल शनिवार को प्रगति पत्रक वितरण सह दीक्षांत समार...