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नवागढ़ ब्लाक स्तरीय अंगना म शिक्षा कार्यशाला का हुआ आयोजन, अब संकुल स्तर पर होगा आयोजन ...


आंगनबाड़ी सहित कक्षा पहली से तीसरी तक के बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई से जोड़ने अंगना म शिक्षा कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम को जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ ब्लाक के गांवों तक पहुंचाने आज 3 अगस्त 2021 दिन मंगलवार को विजन कोचिंग जांजगीर के सभागार में ब्लाक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें विकासखण्ड के शैक्षिक समन्वयकों सहित 10 प्राथमिक कक्षाओं के शिक्षिकाओं को मास्टर ट्रेनर श्रीमती शीला शर्मा व श्रीमती शालिनी शर्मा के द्वारा गतिविधि आधारित गहन प्रशिक्षण दिया गया। आयोजन को संबोधित करते हुए नवागढ़ एबीईओ श्री राजीव नयन शर्मा ने कहा कि अंगना म शिक्षा कार्यक्रम आंगनबाड़ी से कक्षा पहली, दूसरी, तीसरी तक के बच्चों के लिए है, इससे बच्चे घर पर रहकर ही घर में उपलब्ध सामग्रियों से अपनी माताओं के द्वारा खेल खेल में अंकों एवं अक्षरों का ज्ञान प्राप्त करेंगे। बीआरसीसी नवागढ़ श्रीमती रिषिकांता राठौर ने कार्यशाला को अपने संबोधन में कहा कि माता ही बच्चों की प्रथम गुरु होती है। प्रशिक्षित शिक्षिकाओं के द्वारा संकुल स्तर पर आयोजन कर अन्य शिक्षिकाओं व माताओं को कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुऐ विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सभी माताओं का उन्मुखीकरण कर बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है।
इस तरह दिया गया अंगना म शिक्षा का प्रशिक्षण...
कार्यशाला में जहां मास्टर ट्रेनर श्रीमती शीला शर्मा (सहा.शिक्षक, शास.प्राथ.शाला कनई)   व श्रीमती शालिनी शर्मा (सहा.शिक्षक, शास.प्राथ.शाला भाठापारा नैला) द्वारा महिला शिक्षिकाओं के साथ जीवंत गतिविधि की गयी तो वही नवाचारी शिक्षक श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी ने विभिन्न गतिविधियों जैसे चित्र पर बातचीत, कहानी कविता सुनाना, आओ लिखना सीखे, चलो खेले खेल, मेहमान पहचानो, लुका छिपी, आओ शब्द बनाए, आओ नाचे गाए, वर्गीकरण करना, क्रम से सजाना, गिनती सीखना, जोड़ना, घटाना एवं अंक कूद को प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाकर उन्हें प्रेरित किया। प्रशिक्षणार्थी शिक्षिकाएं श्रीमती योगेश्वरी तंबोली (सहा.शिक्षक, शास.प्राथ.शाला पुटपुरा), श्रीमती अनामिका सिंह (सहा.शिक्षक, शास.प्राथ.शाला भाठापारा नैला), श्रीमती गायत्री साहू (सहा.शिक्षक, शास.प्राथ.शाला सेवई),  श्रीमती डाली गोपाल (सहा.शिक्षक, शास.प्राथ.शाला भड़ेसर),  श्रीमती रागिनी तिवारी (सहा.शिक्षक, शास.प्राथ.शाला गोड़पारा अमोरा), श्रीमती दुर्गेश नंदिनी सिंह (सहा.शिक्षक, शास.नवीन प्राथ.शाला अवरीद), श्रीमती श्यामकली कश्यप् (सहा.शिक्षक, शास.प्राथ.शाला मौहाडीह),  श्रीमती उमा कश्यप (सहा.शिक्षक, शास.जनपद प्राथ.शाला सिवनी),  श्रीमती अल्का तिवारी (सहा.शिक्षक, शास.प्राथ.शाला अकलतरी) व श्रीमती सजनी रत्नाकर (सहा.शिक्षक, शास.प्राथ.शाला केरा) ने अपने विचार रखते हुए प्रशिक्षण को ज्ञानवर्धक एवं बच्चों के विकास में सहायक बताकर अपने कार्य क्षेत्र में इसे लागू करने के आश्वासन दिए।
डाइट, अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन सहित शैक्षिक समन्वयकों ने की सहभागिता...
कार्यशाला में स्वीकृति मंच नवाचार के जिला समन्वयक श्री यू.के.रस्तोगी सहा.प्राध्यापक डाइट व श्री दीपक कुमार यादव व्याख्याता शा.उ.मा.शाला मड़वा सहित अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन के जिला प्रमुख श्री मुनीर जी ने सहभागिता निभाया। डाइट के सहा.प्राध्यापक श्री यू.के.रस्तोगी ने कहा कि स्वीकृति मंच एक एनोवेशन प्रोग्राम है जो ऐसे शिक्षकों को मंच देने का काम कर रही है जो स्वेच्छा से किसी भी कक्षा व विषय को पढ़ाने, कोर्स पूर्ण कराने व स्वयं से प्रेरित होकर बेहतर नवाचार के लिए काम करना चाह रहे है। हम अभी ब्लाक लेवल पर ऐसे शिक्षकों का चिन्हांकन कर रहे है। इसके लिए आनलाईन व आफलाईन बैठके लगातार जारी है जिसके बाद जिले भर में पढ़ई तुंहर दुआर के साथ-साथ स्वीकृति मंच के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियां संपन्न होगी। इसी तरह से अपने संबोधन में अन्य अतिथि वक्ताओं ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी से लेकर कक्षा तीसरी तक के बच्चों को समझ के साथ पढ़ने, लिखने और उसका अर्थ समझने का लक्ष्य हमें पूरा करना है। निश्चित तौर पर माताओं एवं पालकों का सहयोग हम शिक्षकों को मिलता रहेगा तो निर्धारित लक्ष्य हम प्राप्त कर सकते हैं। कार्यशाला में श्री घुरवा राम कर्ष (शैक्षिक समन्वयक धुरकोट), श्री विनोद कुमार पाण्डेय (शैक्षिक समन्वयक सदर जांजगीर), श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी (शैक्षिक समन्वयक अमोदा), श्री दीपक कुमार थवाईत (शैक्षिक समन्वयक क्रमांक 2 जांजगीर), श्री अनिल कुमार शर्मा (शैक्षिक समन्वयक गौशाला नैला), श्री साहेब लाल दिवाकर (शैक्षिक समन्वयक धाराशिव खोखरा), श्री तेरस राम रात्रे (शैक्षिक समन्वयक बुड़ेना), श्री तुलाराम कश्यप (शैक्षिक समन्वयक सुकली), श्री दिलीप कुमार साहू (शैक्षिक समन्वयक सिवनी), श्री जयप्रकाश नवरत्न (शैक्षिक समन्वयक कटौद), श्री महेश्वरपुरी गोस्वामी (शैक्षिक समन्वयक बनारी), श्री संजय सिंह राठौर (शैक्षिक समन्वयक अवरीद), श्री गुरूबचन सिंह जाटवर (शैक्षिक समन्वयक केरा), श्री रोहित कुमार पटेल (शैक्षिक समन्वयक तुस्मा), श्री रविकांत साव (शैक्षिक समन्वयक उदयभाठा), श्री दिनेश्वर शुक्ला (शैक्षिक समन्वयक महंत), श्री राजराजेश्वर शर्मा (शैक्षिक समन्वयक बोड़सरा), श्री अनिल कुमार पाण्डेय (शैक्षिक समन्वयक गौद) व अभिनव तिवारी (शैक्षिक समन्वयक खोखसा) सहित बीआरसीसी स्टाफ श्री योगेश कुमार चौहान (एम.आर.ए.), श्री रामकृष्ण कटकवार, श्री संतोष कुमार साहू लेखापाल, श्री विनय यादव कम्प्यूटर आपरेट व सौरभ कैवर्त आदि उपस्थित रहे जिनके माध्यम से संकुल स्तर पर आगामी दिनों में यह कार्यशाला आहूत की जायेगी जिसके फलस्वरूप छोटे बच्चों में अंक व अक्षर ज्ञान, संक्रियाए, कौशल व अभिव्यक्ति क्षमता, भावनात्मक और रचनात्मक विकास के साथ साथ बौद्विक क्षमता का विकास होगा। 
                  






















कलेक्टर का आदेश जारी, पढ़ई तुंहर दुआर को सफल बनाने जांजगीर-चांपा जिले में होगा नवाचार ...

 
सत्र 2021-22 में बच्चों की पढ़ाई निरंतर जारी रखते हुए पूर्व वर्ष की भांति आनलाईन व आफलाईन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इन कक्षाओं को पूरे जिले में व्यापक स्तर पर लागू करने जिला कलेक्टर जांजगीर-चांपा ने आदेश जारी कर डाइट के सहायक प्राध्यापक श्री यू.के.रस्तोगी को समन्वयक नियुक्त किया है। जारी आदेश में कहा गया है कि जिले में पढ़ई तुंहर दुआर का सुचारू क्रियान्वयन नवाचार “स्वीकृति” के माध्यम से संचालित करने हेतु श्री यू.के.रस्तोगी सहायक प्राध्यापक को जिला जांजगीर-चांपा तथा शैक्षणिक जिला सक्ती के लिए समन्वयक नियुक्त किया जाता है। प्रमुख समन्वयक इस कार्यक्रम को प्राचार्य डाइट के निर्देशन में पूरे जिले के सभी 9 विकासखण्डों में संचालित करेंगे। इसी तारतम्य में आज नवागढ़ ब्लाक के सभी 42 संकुल प्राचार्यों व वरिष्ठ व्याख्याताओं का एक दिवसीय कार्यशाला आहूत किया गया। जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान डाईट जांजगीर में आहूत कार्यशाला में कार्यक्रम की रूपरेखा पर व्यापक चर्चा की गयी। कार्यक्रम को प्राचार्य डाइट श्रीमती सविता राजपूत, एबीईओ श्री राजीव नयन शर्मा, श्री ओमप्रकाश शर्मा, श्रीमती लता राठौर, श्री वेदराम रत्नाकर आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम के समन्वयक श्री यू.के.रस्तोगी ने बताया कि “स्वीकृति” नाम से आरंभ की जा रही नवाचार जिले के स्कूलों में व्यावहारिक रूप से सक्षमता के साथ कार्य करने के लिए तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को उसकी कक्षा व पाठ्यक्रम के अनुरूप विषय ज्ञान करायेंगे। इसमें प्राचार्यों जो कि संकुल प्रभारी है द्वारा एक सक्रिय व्याख्याता का चयन कर संकुल शैक्षिक समन्वयक की मदद से संबंधित संकुल में अधिकतम स्कूलों का चयन करेंगे और आनलाईन / आफलाईन कक्षाओं को प्रोत्साहित करेंगे। श्री रस्तोगी ने बताया कि इसके लिए जिला स्तर पर तथा ब्लाक स्तर पर टीम का गठन किया जायेगा जिसके माध्यम से पूरे कार्यक्रम की मानिटरिंग की जायेगी और जिला कलेक्टर को प्रतिवेदन सौंपा जायेगा। उन्होंने कहा कि पूरा कार्यक्रम जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में संपन्न होगा।
गौरतलब हो कि पढ़ई तुंहर दुआर के तहत पारा मोहल्ला कक्षाओं को जिले भर के विद्यालयों में नवाचार कार्यक्रम ”स्वीकृति“ के माध्यम से लागू करने जिला कलेक्टर जांजगीर-चांपा द्वारा आदेश जारी किया गया है। इस नवाचार कार्यक्रम को ”स्वीकृति“ नाम दिया गया है। आज 22 जुलाई को इस संबंध में नवागढ़ ब्लाक का पहला कार्यशाला आहूत किया गया। कार्यशाला में डाइट प्राचार्य श्रीमती सविता राजपूत, नवाचार कार्यक्रम के समन्वयक श्री यू.के.रस्तोगी सहा.प्राध्यापक, एबीईओ श्री  राजीव नयन शर्मा, श्री इन्द्रमणि सिंह, व्याख्याता डाइट श्री संजय शर्मा, श्रीमती रमा गोस्वामी, नवाचारी शिक्षक श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी आदि मंचस्थ रहे। कार्यशाला में नवाचार पर प्रकाश डाला गया तथा प्राचार्यों से सुझाव आमंत्रित किये गये। आहूत कार्यशाला में प्राचार्य श्रीमती ए.खाखा, श्रीमती दुर्गा भगत, श्री वेदराम रत्नाकर, डा. सुभाषिनी शर्मा, श्री बसंत देवांगन, श्री ओमप्रकाश शर्मा, श्री कीर्तिविलास शर्मा सहित नवागढ़ विकासखण्ड के सभी 42 संकुलों अमोदा, बोड़सरा, गौशाला नैला, बनारी धाराशिव (खोखरा), धनेली, बुड़ेना, अवरीद, धुरकोट, कन्या जांजगीर, खोखसा, खोखरा, गौद, कचंदा, घुठिया, कटौद, केरा, कुटरा, महंत, जांजगीर क्र. 02, कुरियारी, रिंगनी, मुड़पार, मिसदा, नवागढ़, किरीत, पीथमपुर, सिवनी, सरखों, तेंदूभाठा, सदर जांजगीर, सुकली, रोगदा, उदयभाठा, सेमरा, सलखन, सिंघुल, तुलसी, शिवरीनारायण, तुस्मा व धाराशिव (रोगदा) के सभी संकुल प्राचार्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नवाचारी शिक्षक श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी ने तथा आभार प्रदर्शन व्याख्याता श्री संजय शर्मा ने किया।  
 




























नवाचारी शिक्षक राजेश कुमार सूर्यवंशी ने अपने स्कूली गाँव के गलियों को प्रिंट-रिच में किया तब्दील ....

 
राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा राज्य भर के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, समस्त डाईट, जिला मिशन समन्वयकों व प्राचार्यों को जारी कर गाँवों को प्रिंट-रिच गाँव/वार्ड के रूप में तैयार किए जाने के निर्देश दिए है। इधर जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखण्ड के संकुल केन्द्र अमोदा अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा अमोदा के शिक्षक राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बच्चों व समुदाय के लोगों के साथ मिलकर गांव के स्कूल मोहल्ला वार्ड को पूरी तरह से प्रिंट रिच में तब्दील कर दिया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में प्रस्तावित फाउण्डेशन लिटरेसी एण्ड न्यूमेरेसी (एफ.एल.एन.) एवं माह फरवरी 2021 के चर्चा पत्र से जानकारी हासिल कर यह कार्य किया गया है। 
पत्र में कहा गया है कि जिले के सभी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर की शालाओं के लिए मीडिया मद में पूर्व में प्रथम किश्त के रूप में रुपए 750 रूपये प्रति शाला के मान से बजट उपलब्ध करवाया गया था। इसी मद में द्वितीय किश्त के रूप में रुपाए 750 रूपये प्रति शाला के मान से बजट उपलब्ध कराया जा रहा है। शिक्षकों को इस मद से निम्नलिखित कार्य सामुदायिक सहयोग लेते हुए करवाना होगा-
1. बच्चों एवं समुदाय में साक्षरता कक्षाओं में सीख रहे वयस्कों को अपने आसपास प्रिंट-रिच वातावरण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रिंट-रिच गाँव/वार्ड।
2. प्रिंट-रिच गाँव/वार्ड के माध्यम से मूलभूत भाषाई एवं गणितीय कौशलों को हासिल करने की दिशा में सक्रिय होकर कार्य करना । 
3. माह फरवरी 2021 के चर्चा पत्र में उल्लेखित बिन्दुओं को कार्यान्वित करने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर पीएलसी को चित्रांकन हेतु नमूना या ब्लू-प्रिंट तैयार कर शालाओं को उपलब्ध करवाए जाने एवं सोशियल मीडिया के माध्यम से सुझाव देना। 
4. इस प्रकार से माह मार्च के अंतिम सप्ताह तक जिले के सभी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शालाओं से संबंधित ग्रामों/वार्डों को प्रिंट-रिच गाँव/वार्ड के रूप में तैयार करना और अपने शाला संकुल प्राचार्य से इस बाबत सर्टिफिकेट लेना कि उनके अधीनस्थ सभी शालाओं में प्रिंट-रिच गाँव/वार्ड बनकर तैयार कर लिया गया है।
5. इन प्रिंट-रिच गाँव/वार्ड के माध्यम से बच्चों एवं बड़े-बुजुर्गों को नियमित रूप से भाषा एवं गणित से संबंधित विभिन्न कार्यों को पूरा करने में सहयोग करना।
उपरोक्त कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ संपन्न करते हुए प्रत्येक शाला अपने यहाँ तैयार प्रिंट रिच गाँव/वार्ड के बारे में एक ई-बुक तैयार कर उसे सभी के साथ सोशियल मीडिया के माध्यम से साझा करेंगे। इनका उपयोग करते हुए आगे शीघ्रताशीघ अपने गाँव के सभी बच्चों एवं बड़े-बुजुर्गों को फाउण्डेशन लिटरेसी एण्ड न्यूमेरेसी हासिल करने में सभी आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे। इस कार्य हेतु बेसिक जानकारी के लिए माह फरवरी 2021 का चर्चा पत्र सी.जी.स्कूल डाट इन वेबसाईट से डाउनलोड करें एवं उसके आधार पर अपने अपने क्षेत्र के लिए ब्लू-प्रिंट तैयार कर शालाओं को साझा करने कहा गया है।














 

प्रौढ़ शिक्षा पढ़ना-लिखना अभियान हेतु नवागढ़ ब्लाक के स्वयंसेवकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न..


जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण जांजगीर-चांपा के मार्गदर्शन में विकासखण्ड साक्षरता मिशन नवागढ़ द्वारा पढ़ना-लिखना अभियान के तहत स्वयंसेवी शिक्षकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण 15 से 16 मार्च तक संपन्न हुआ। जिला साक्षरता अधिकारी, जिला परियोजना अधिकारी रा.गा.शि.मि. श्री ब्राम्हणी जी, डाईट प्राचार्य श्रीमती सविता राजपूत व बीईओ श्री विजय कुमार लहरे ने प्रशिक्षण का डाईट भवन में शुभारंभ किया। अतिथियों ने अपने संबोधन में इस प्रदेश व्यापी महाअभियान में निस्वार्थ भावना से जुड़ने व स्वयंसेवी शिक्षकों की सक्रियता की सराहना की। प्राधिकरण के जिला नोडल अधिकारी श्री संतोष कुमार कश्यप ने पढ़ना-लिखना अभियान के क्रियान्वयन पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि अभियान में 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को साक्षर कर शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा। असाक्षरों को स्वयंसेवी शिक्षक 120 घंटे की पढ़ाई आखर झांपी प्रवेशिका से कराएंगे। डाईट प्राचार्य श्रीमती सविता राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि यह एक विशेष कार्यक्रम है जिसमें कंप्यूटर की बुनियादी साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, विधिक साक्षरता, चुनावी साक्षरता, श्रेष्ठ पालकत्व, जीवन मूल्य, आत्मरक्षा इत्यादि का ज्ञान कराया जा रहा है। अभियान के ब्लाक नोडल अधिकारी श्री राजीव नयन शर्मा ने पढ़ना लिखना अभियान का परिचय देते हुए बताया कि नवागढ़ ब्लाक से कुल 2925 असाक्षरों का सर्वे के माध्यम से चिन्हांकन किया गया है जिन्हे साक्षर बनाने के लिए 312 स्वयंसेवक शिक्षकों का चिन्हांकन कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभियान के लिए मैचिंग बैचिंग अर्थात कौन किसको कहां पढ़ाएगा, का चिन्हांकन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। श्री शर्मा ने स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण में साक्षरता के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, पोषण साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, चुनावी साक्षरता व शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से भी अवगत कराया। कुशल प्रशिक्षक श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी ने दो दिवसीय प्रशिक्षण मंे वातावरण निर्माण, स्वयंसेवी शिक्षकों की भूमिका, डिजिटल माध्यमों का उपयोग, नवाचारी गतिविधियां, कक्षा संचालन कैसे करें, साक्षरता केंद्र का रखरखाव, प्रौढ़ों को समझना, सिखने की अवधारणा व शिक्षण पद्धति, प्रवेशिका का परिचय, पठन पाठन गतिविधियां, आंतरिक मूल्यांकन एवं परीक्षा प्रक्रिया आदि विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया। पढ़ना-लिखना अभियान के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन एवं लक्ष्य प्राप्ति के लिए आखर झापी किताब के सभी पाठ के विडियों को प्रोजेक्टर प्रदर्शित किया गया। कुशल प्रशिक्षक राजेश कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि 120 घंटे की पढ़ाई के बाद एनआईओ द्वारा बुनियादी साक्षरता का मूल्यांकन किया जाएगा। इस पूरे अभियान में लचीलापन व नवाचारी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण को सफल बनाने में प्रशिक्षकगण श्री राजेश कुमार सूर्यवंशी, श्री सरकार सिंह लहरे, श्री असीमधर दीवान व श्री मनोज पटेल, श्री सुनील पटेल, कुमारी प्रतिभा रत्नाकर आदि का सराहनीय योगदान रहा। दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षार्थियों के लिए भोजन का प्रबंध किया गया तथा पूरे सत्र का पंजीयन फार्म, फीडबैक फार्म भराया गया जिसके आधार पर सभी को प्रमाण पत्र जारी किया जायेगा। 


































डिजिटल स्कूल में दीक्षांत समारोह के साथ परीक्षाफल की घोषणा, बच्चों को बांटे गये अंकसूची...

नवागढ़ ब्लाक के शास.पूर्व माध्य.शाला नवापारा (अमोदा) में शिक्षा सत्र के अंतिम दिवस आज 29 अप्रैल शनिवार को प्रगति पत्रक वितरण सह दीक्षांत समार...